बलरामपुर। 11 साल पहले हुई हत्या के मामले में न्यायालय ने चार भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। चारों पर एक-एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न अदा करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) कुलदीप सिंह ने बताया कि आठ जून 2011 को कोतवाली देहात में ग्राम विशुनापुर निवासी चंद्रप्रकाश ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके परिजनों पर गांव के ही चार भाइयों गज्जू, आजाद, जुग्गीलाल व विष्णु ने जानलेवा हमला किया है। इसमें गंभीर रूप से घायल प्रभुनाथ की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया। मामले में सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी वकील ने सात गवाह पेश किए। बचाव पक्ष के वकील ने दोषियों को बरी कराने की भरपूर कोशिश की।
दोनों पक्षों की दलील सुनने तथा पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर जिला जज लल्लू सिंह ने चारों दोषियों को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। चारों भाइयों पर एक-एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।