महराजगंज तराई (बलरामपुर)। जल व भोजन की तलाश में वन्यजीव जंगल से निकलकर आबादी की तरफ रुख करने लगे हैं। तुलसीपुर ब्लॉक के किठुरा गांव में सोमवार की सुबह तेंदुआ दिखाई दिया। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने की मांग प्रभागीय वनाधिकारी से की है।
सोहेलवा वन्यजीव क्षेत्र में तेंदुए की बहुतायत है। जंगल क्षेत्र में स्थित पहाड़ी नाले व जल स्रोत सूखने के कारण वन्यजीव भोजन व पानी की तलाश में आए दिन गांवों में दिखाई देने लगे हैं। ग्राम पंचायत बेला के किठुरा गांव स्थित बाग में सोमवार को एक तेंदुआ दिखाई दिया। खेत में जा रहे किसानों ने गांव में पश्चिम तरफ स्थित बाग से तेंदुए को निकलते हुए देखा। किसानों के शोर मचाने पर तेंदुआ भागकर झाड़ी में छिप गया।
ग्रामवासी पिंटू सिंह, करिया, छोटेलाल, सोमई व पवन कुमार सिंह आदि ने बताया कि करीब दो माह पहले भी गांव में तेंदुआ दिखाई दिया था। इससे गांव में दहशत का माहौल है। खेत जाने में भी डर लगता है। इतना ही नहीं तेंदुए की डर से शाम छह बजे के बाद ही ग्रामीण घर का दरवाजा बंद कर लेते हैं। आवश्यक कार्य से किसी को गांव से बाहर निकलना होता है तो चार-छह लोगों के साथ ही निकलते हैं। इन लोगों ने यह भी बताया कि गांव में तेंदुआ दिखाई देने की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है लेकिन अभी तक गांव में कोई नहीं पहुंचा है।
इस संबंध में बराहवा रेंज के रेंजर केपी सिंह ने बताया कि किठुरा गांव में तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिली है। वन कर्मियों की टीम गांव भेजी जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले खेत की तरफ न जाने का सुझाव दिया गया है।