बलरामपुर। आतंक का पर्याय बन चुके आदमखोर तेंदुए का खौफ पूरे इलाके में थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को तेंदुआ ने एक बार फिर धरपकड़ में जुटी वन विभाग की टीम को चकमा देते हुए पचपेड़वा क्षेत्र के भगवानपुर कोडर गांव में एक बालिका पर हमला कर पांचवा शिकार किया। इससे पहले वह तुलसीपुर, हरैया सतघरवा, गैसड़ी इलाके के चार मासूमों को अपना शिकार बना चुका है। तेंदुए की दहशत के कारण करीब 20 किलोमीटर क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में लोगों का घरों से निकलना तक दूभर हो गया है।
वन विभाग के विशेषज्ञों की टीम सीसीटीवी कैमरों व ड्रोन से लैस हो कर आदमखोर बन चुके तेंदुए को पकड़ने के लिए चिह्नित जगहों पर पिंजड़ा लगाकर जुटी है। इसके बावजूद तेंदुआ उनकी पकड़ से दूर बना हुआ है। इसी बीच तेंदुए ने स्थान बदलते हुए कुछ नए इलाकों में चहलकदमी शुरू कर दी है। इस दौरान वन विभाग के हर दांवपेंच को तेंदुआ धता बताते हुए सोमवार को वह फिर पचपेड़वा के भगवानपुर कोडर गांव पहुंच गया। दोनों गांवों में तेंदुए के जाने वाले संभावित रास्तों की निगरानी के लिए थर्मल ड्रोन का सहारा भी लिया जा रहा है। दोनों गांवों में दो सीसीटीवी के साथ 15 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।
वन विभाग की टीम तेंदुए का पद चिन्ह ढूंढने के साथ ही प्रभावित गांवों के लोगों को बचने के लिए जागरूक बनाने के कार्य में जुटी है। ताकि उसके आने-जाने के रूट का पता चल सके। वन क्षेत्राधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जंगल में गश्त करने के लिए दो टीम बनाई गई है। जिस गांव में तेंदुए ने बीते रविवार को हमला किया था वहां भी जल्द ही पिंजड़ा लगाया जाएगा। बताया कि प्राथमिक विद्यालय बिशनपुर कोडर में बच्चों व अभिभावकों को जागरूक कर घर से अकेले बाहर न निकलने की ताकीद भी की जा रही है।
भगवानपुर कोंड़र थारू गांव में तेंदुए की घटना पर सपा नेताओं ने दुख जताया है। सपा नेता राकेश यादव, महबूब आलम ने सुहेलवा वन प्रभाग बलरामपुर के डीएफओ के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर शोक संतप्त परिवार से मिलकर शोक संवेदना भी व्यक्त की। साथ ही मांग की कि तेंदुए की शीघ्र पकड़ने के साथ ही तेंदुए का शिकार बने बच्चों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
डीएफओ एम सेम्मारन ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बारिश के चलते इसमें कुछ अड़चन आ रही है। मंगलवार से तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति पर काम किया जाएगा। इसके लिए दुधवा नेशनल पार्क से एक्सपर्ट टीम भी बुलाई गई है।