बलरामपुर। मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए किसानों से जमीन खरीदने का कार्य नवरात्र में शुरू होना तय माना जा रहा है। इसके लिए शहर से सटे कोईलरा गांव में 206 किसानाें से जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने इसकी जिम्मेदारी तहसील अधिकारियों को सौंपी है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही इसके शिलान्यास का कार्यक्रम होगा ताकि वर्ष 2024 में इस विश्वविद्यालय का संचालन शुरू किया जा सके।
जिले में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रथम बजट आवंटित हुआ है। इसमें से 16 करोड़ 52 लाख 83 हजार रुपये जमीन खरीद के लिए जारी भी हो चुके हैं। शासन से जमीन खरीदने के लिए उच्च शिक्षा विभाग के अनुसचिव जसवंत को नामित किया गया है। कोयलरा गोपालपुर गांव में 20.3620 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विश्वविद्यालय का भवन बनेगा। सरकारी के साथ किसानों के स्वामित्व की जो जमीन इसमें शामिल होगी, उसके विक्रय पत्र पर प्रतिनिधि क्रेता के रूप में अनुसचिव जसवंत के हस्ताक्षर रहेंगे।
यह जमीन कोयलरा गोपालपुर गांव जिला मुख्यालय से ढाई किमी की दूरी पर बलरामपुर बहराइच मुख्य मार्ग से एक किमी की दूरी पर है। श्रावस्ती भिनगा मुख्यालय से इसकी दूरी 25 किमी, बहराइच से 62 व गोंडा से सिर्फ 45 किमी दूरी पर विश्वविद्यालय भवन का निर्माण हो रहा है। देवीपाटन मंडल के मध्य में होने के कारण इससे बलरामपुर के साथ गोंडा, श्रावस्ती व बहराइच के विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने में आसानी होगी।
विश्वविद्यालय अभियान की अगुवाई करने वाले समाजसेवी सर्वेश सिंह कहते हैं कि वह शुभ घड़ी अब आने वाली है, जब विश्वविद्यालय के लिए जमीन की खरीद शुरू होगी। इससे क्षेत्रीय लोगों में उत्साह है, बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री को इस कार्य के लिए धन्यवाद पत्र भी भेजा है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए जमीन तय कर ली गई है। जल्द ही भूमि क्रय का कार्य शुरू होगा। अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है। शासन से इसके लिए प्रतिनिधि भी तय हो चुका है।