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Balrampur News: आलू व रिफाइंड से बन रहा खोवा, जंगली घास से जीरा

Fri, 10 Nov 2023 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर। दीपावली पर मिलावटी खाद्य सामग्री सेहत बिगाड़ सकती है। मुनाफा कमाने के चक्कर में धंधेबाज बेखौफ हो कर घटिया व मिलावटी सामग्री से निर्मित मिठाईयां व अन्य खान पान सामग्री खपाने में जुटे हैं। इसकी रोकथाम के लिए एफएसडीए के स्तर पर संचालित कार्रवाई में सामने आया है कि इसके लिए आलू, शकरकंद, रिफाइंड, शक्कर और घटिया मिल्क पाउडर से तैयार घटिया खोवा असली के दाम पर बाजार में खपाया जा रहा है। इतना ही नहीं जीरे में फूल की झाड़ू बनाने वाली जंगली घास के बीज मिलाकर बेचा जा रहा है। खाद्य विभाग की टीम ने जांच के दौरान बड़ी मात्रा में मिलावटी मिठाई की धरपकड़ कर उन्हें नष्ट भी कराया है।
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खोवा की मिठाइयों के साथ ही इमरती, बालूशाही, मोतीचूर के लड्डू से लेकर सोन पापड़ी में भी मिलावट हो रहा है। मिठाइयों में लागत घटाने के लिए शक्कर और मैदा का इस्तेमाल हो रहा है। चिकनाई के लिए सस्ते पाम ऑयल और दूध का स्वाद देने के लिए विदेशों से आयात होने वाले सस्ते स्किम्ड मिल्क को मिलाया जा रहा है। मिलावटी बेसन भी मटर दाल, आटा, सूजी पाउडर, खोसारी दाल और सड़े चावल के पाउडर सेे बनाया जा रहा है। इससे सस्ते दामों में मिठाइयां तैयार की जाती हैं।
मिठाइयों को सजाने के लिए वर्क के इस्तेमाल में भी खेल हो रहा है। चांदी वर्क में एल्यूमीनियम मिलाकर वर्क तैयार कर मिठाई पर लगाया जा रहा है। यह वर्क असली है या नकली, इसकी पहचान हो सकती है, लेकिन लोग प्रयास नहीं करते। खाद्य विभाग के अधिकारियों के बताया कि अगर मिठाई पर लगा वर्क छूने पर हाथ में चिपक जाए तो समझ लेना चाहिए कि इसमें एल्यूमीनियम मिलाया गया है।
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मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि मिलावटी मिठाइयां बाजार में जांच के दौरान मिली थीं, जिसे नष्ट कराया गया है। जीरे में भी मिलावट मिला है। ऐसे दुकानदारों को चिन्हित किया जा रहा है। लोग सोच समझकर सामग्री की खरीद करें, कहीं दिक्कत मिले तो बताएं, कार्रवाई होगी।
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