बलरामपुर। कजरी तीज के पावन पर्व पर मंगलवार सुबह जिले के शिवालयों में कांवड़ियों का सैलाब उमड़ेगा। पवित्र नदियों तथा सरोवरों से जल भरकर कांवड़िए भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करेंगे। प्रशासन ने कांवड़ यात्रा वाले मार्गों तथा नदियों व सरोवरों के साथ-साथ शिवालयों पर भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। सुहागिनें निर्जला व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ से अखंड सुहाग का वरदान मांगेगी।
राप्ती नदी के सिसई घाट पर कांवड़ियों का जमावड़ा सोमवार शाम से ही शुरू हो गया। देर रात यहां से पवित्र जल भरकर कांवड़िए राजापुर भरिया जंगल स्थित कल्पेश्वर नाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। सिसई घाट पर कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ-साथ जल पीएसी व एसडीआरएफ की टीम भी तैनात की गई है। घाट पर प्रकाश का भी इंतजाम किया गया है।
सीओ सिटी दरवेश कुमार तथा नगर कोतवाल संजय दूबे ने घाट पर पहुंचकर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। इसके अलावा नगर के झारखंडी महादेव मंदिर, पचपेड़वा के शिवगढ़ धाम, तुलसीपुर के देवीपाटन शक्तिपीठ तथा उतरौला के दुखहरण नाथ मंदिर पर भी कजरी तीज मेला व जलाभिषेक बड़े पैमाने पर किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने इन जगहों पर भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादी वर्दी में महिला आरक्षी तैनात की गई हैं। अराजकतत्वों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे भी लगाए गए हैं। सोमवार शाम कजरी तीज की पूजा सामग्री खरीदने के लिए बाजारों में महिलाओं की भारी भीड़ दिखी। महिलाएं शृंगार आदि का सामान खरीदने में व्यस्त रहीं। ऐसी मान्यता है कि कजरी तीज के दिन निर्जला व्रत रखने व भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से अखंड सुहाग का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
यातायात पुलिस प्रभारी वीरेंद्र यादव ने बताया कि मंगलवार भोर में कांवड़ यात्रा शुरू होने पर तुलसीपुर की तरफ से बलरामपुर आने वाले भारी वाहनों को सिसई घाट पुल के पहले रोक दिया जाएगा। इसके अलावा गोंडा की तरफ से आने वाले वाहनों को फुलवरिया बाईपास तथा बहराइच की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को सेखुईकला और उतरौला की ओर से आने वाले भारी वाहन को कटिया मधवाजोत के आसपास रोका जाएगा। कांवड़ियों की भीड़ कम होने पर ही वाहनों का आवागमन सामान्य किया जाएगा।