महदेइया बाजार (बलरामपुर)। सदर ब्लॉक के चूल्हाभारी गांव में शनिवार को ट्रायल के दौरान ढह गई नवनिर्मित पानी की टंकी के मामले जांच शुरू हो गई है। टंकी ढहने से बाउंड्रीवाल भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। सोमवार को जिला स्तर पर गठित टीम ने गांव पहुंचकर नवनिर्मित पानी टंकी ढहने के कारणों की जांच के लिए टंकी के मलबे का नमूना लैब जांच के लिए भेजा।
जल जीवन मिशन फेज-2 के तहत सदर ब्लॉक के चूल्हाभारी गांव में कार्यदायी संस्था लारसेन एंड टुब्रो ने 3.32 करोड़ की लागत से एक पानी टंकी का निर्माण कराया था। इस टंकी से चूल्हाभारी, केवलपुर, बैरागीजोत, पठानीजोत, खम्हरिया व डिहवा आदि गांव के करीब पांच हजार ग्रामीणों को जलापूर्ति की जानी थी। पानी की टंकी व पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी पूरा हो गया था। शनिवार को जब कार्यदायी संस्था के कर्मचारी पानी की टंकी का संचालन शुरू करने के लिए ट्रायल कर रहे थे। इस दौरान टंकी से जैसे ही पानी निकलना शुरू हुआ, वह भरभरा ढह गई। टंकी का मलबा नीचे गिरने से सुरक्षा के लिए बनाई गई बाउंड्रीवाल भी क्षतिग्रस्त हो गई।
नवनिर्मित पानी की टंकी के ढहने की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए एसडीएम सदर राजेंद्र बहादुर की अगुवाई में एक कमेटी गठित की है। इसमें डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह के साथ ही जल निगम व पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को भी शामिल किया गया है। जांच टीम ने सोमवार को गांव में पहुंचकर पानी की टंकी ढहने के कारणों की जांच पड़ताल की।
ग्रामीणों ने जांच टीम के सदस्यों को बताया कि टंकी के निर्माण में मानक व गुणवत्ता की खुलकर अनदेखी हुई है। मानक विहीन निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण ही ट्रायल के दौरान ही पानी की टंकी ढह गई। टीम ने मौके से पानी टंकी के मलबे का नमूना भी लैब जांच के लिए भरा है।