बलरामपुर। पचपेड़वा के एक निजी अस्पताल से बच्चा बेचे जाने की शिकायत के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसीएमओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को तुलसीपुर के निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान बिना पंजीयन के एक निजी अस्पताल का संचालन झोलाछाप के स्तर पर पर होता मिला। टीम ने उसे सील करने के साथ ही दो अन्य अस्पतालों के संचालकों को नोटिस दी है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुलसीपुर तहसील क्षेत्र के चार निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अवध हास्पिटल तुलसीपुर में तमाम खामियां पाई गई। अस्पताल का संचालन कर रहे डॉ. ए माबूद खान कोई भी वैध डिग्री नहीं दिखा सके। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी नहीं मिला। यहां मरीजों को देखने के साथ ही भर्ती भी किया जा रहा था। झोलाछाप द्वारा अस्पताल का संचालन पाए जाने पर एसीएमओ ने तत्काल उसे बंद करवा कर सील कर दिया।
इसके साथ ही एसीएमओ ने शिवानगर तुलसीपुर स्थित बलरामपुर हास्पिटल, तुलसीपुर स्थित आरके हेल्थ सेंटर एवं जच्चा-बच्चा केंद्र तथा अल शिफा नर्सिंग होम का भी निरीक्षण किया। रजिस्ट्रेशन न मिलने पर बलरामपुर हास्पिटल एवं आरके हेल्थ सेंटर एवं जच्चा-बच्चा केंद्र के संचालक को भी नोटिस जारी की है। तीन दिन में जरूरी अभिलेख उपलब्ध न कराने पर कड़ी कार्रवाई तय होगी।