फोटो-3-बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में मरीजों का परीक्षण करते चिकित्सक।-संवाद
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बलरामपुर। विशेषज्ञ चिकित्सकों व संसाधनों के अभाव में जिला मेमोरियल पुरुष चिकित्सालय अब महज रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। अस्पताल के चिकित्सक इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों का इलाज करने का झंझट नहीं उठाना चाहते। तीमारदारों को मरीज की हालत गंभीर बताकर उसे बहराइच, गोंडा या लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। बीते दिनों सर्पदंश के एक मरीज के इलाज में भी यही खेल हुआ। परिजनों की शिकायत पर सीएमओ ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
विदित हो कि जिला मेमोरियल पुरुष चिकित्सालय में चिकित्सकों के कुल 25 पद सृजित हैं। इनके सापेक्ष अस्पताल में मात्र 11 डॉक्टरों की तैनाती है। हार्ट, न्यूरो, नेफ्रो तथा आई सर्जन आदि की तैनाती नहीं है। नगर के बीचोंबीच स्थित होने के कारण अक्सर लोग अस्पताल की इमरजेंसी में दिखाने आते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के मरीज भी हालत गंभीर होने पर इसी अस्पताल का सहारा लेते हैं। आलम ये है कि दुर्घटना, सर्पदंश, हार्टअटैक आदि के मरीजों को यहां की इमरजेंसी से हालत गंभीर बताकर तत्काल रेफर कर दिया जाता है।
इमरजेंसी में डाक्टर की कुर्सी रात व सुबह के समय अक्सर खाली रहती है। इमरजेंसी में मौजूद फॉर्मासिस्ट ही पहले मरीज का परीक्षण करते है। फिर यदि जरूरत पड़ती है तभी वह डॉक्टर को बुलाता है। डॉक्टर इमरजेंसी के बगल के कमरे में आराम फरमाते रहते हैं। कभी-कभी ड्यूटी के दौरान भी डॉक्टर घर चले जाते हैं और फॉर्मासिस्ट से कहते हैं कि जरूरत पड़े तो बुला लें।
गत सोमवार को ललिया से सर्पदंश के शिकार अरविंद मिश्र को इलाज के लिए परिजन इमरजेंसी में लाए थे। अस्पताल में एंटी स्नेक वैक्सीन भी थी, इसके बाद भी चिकित्सक ने अरविंद का इलाज करना उचित नहीं समझा और उन्हें ये कहकर बहराइच रेफर कर दिया गया कि हालत गंभीर है तुरंत ले जाओ। बहराइच में अरविंद की मौत हो गई थी। इसी तरह की शिकायतें कई बार संज्ञान में आती हैं। मरीज व उनके तीमारदार बताते हैं कि इलाज के झंझट से बचने के लिए डॉक्टर रेफर कर देते हैं। (संवाद)
कराई जाएगी जांच
सर्पदंश के मरीज अरविंद मिश्र के परिजनों ने जिला मेमोरियल पुरुष अस्पताल के चिकित्सक पर इमरजेंसी में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले की जांच टीम से कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ बलरामपुर