बलरामपुर। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उद्यान विभाग ने पहल शुरू की है। जिले में सवा करोड़ रुपये से हाईटेक नर्सरी का निर्माण कराया जा रहा है। नर्सरी में उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से पौधे तैयार किए जाएंगे। खास बात यह है कि हाईटेक नर्सरी के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी जाएगी। नर्सरी में बागवानी कर समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी।
उद्यान विभाग मनरेगा के तहत कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा में नर्सरी का निर्माण करा रहा है। नर्सरी की लागत एक करोड़ 28 लाख रुपये है। इस हाईटेक नर्सरी में उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से फूल व फलों के पौधे तैयार किए जाएंगे। नर्सरी को इस तरह से तैयार किया जा रहा है जिसमें पौधों के लिए आवश्यक पर्यावरण व तापमान, नमी बरकरार रहे। इसे ढंक कर रखा जाएगा और तापमान, नमी आदि को नियंत्रित करने की व्यवस्था की जाएगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इस व्यवसाय में शामिल करने के लिए हिस्सेदार बनाया जाएगा। नर्सरी में पौधों को उगाकर उसकी बिक्री से होने वाली आय से समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगी। इसके संचालन के लिए उद्यान विभाग महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार दूबे ने बताया कि हाईटेक नर्सरी का लगभग 80 फीसदी काम पूरा हो गया है। जनवरी के पहले पखवाड़े में नर्सरी का संचालन शुरू करने की तैयारी है।