बलरामपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम योगेश चौधरी ने एक व्यक्ति को मारपीट के मामले में दोषी करार देते हुए दो माह के कैद की सजा सुनाई है। 1994 में दर्ज इस मुकदमे का निर्णय आने में लगभग 30 साल लग गए।
सरकारी अधिवक्ता अनूप सिंह व मॉनिटरिंग सेल प्रभारी केके यादव ने बताया कि आठ मार्च 1994 को ललिया निवासी रामदीन ने सुभाषचंद्र के खिलाफ मारपीट व हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। साक्षियों के बयान व पत्रावली में दाखिल दस्तावेज के आधार न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुभाषचंद्र को दोषी करार देते हुए दो माह के कैद की सजा सुनाई।