बलरामपुर। जिले के 14 गांवों में स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाने की प्रक्रिया अधर में लटकती दिख रही है। इन केंद्रों का निर्माण कराने के लिए स्वास्थ्य महकमा जमीन की तलाश नहीं कर सका है। सीएमओ ने जमीन न मिलने की रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी प्रदीप कुमार को सौंपी है। ऐसे में इन गांवों में प्राथमिक उपचार व डिलीवरी की सुविधा मिलने की उम्मीदों पर पानी फिर गिया गया है। जिला प्रशासन अब एसडीएम के जरिये जमीन की तलाश करा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में 15वें वित्त आयोग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से ग्रामीण क्षेत्रों में 45 उपकेंद्र एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का भवन एक साथ बनाने का अनुमोदन हुआ था। 25 मीटर चौड़े व 15 मीटर लंबे जमीन पर बनने वाले इस भवन में एक उपकेंद्र व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण होना है। उपकेंद्र का निर्माण होने से यहां जच्चा-बच्चा का प्राथमिक उपचार, नियमित टीकाकरण व डिलीवरी प्वाइंट का संचालन एक साथ होगा।
इन गांवों में नहीं मिली जमीन
भवन निर्माण के लिए सदर ब्लॉक के गांव देवरिया रानीजोत, गैसड़ी के बकौली, पचपेड़वा के खदगौरा, विशुनपुर कोडर व लालपुर भवनडीह तथा रेहरा बाजार के सोमरहा व गोल्हीपुर में जमीनी नहीं मिली। इसी तरह गैड़ास बुजुर्ग ब्लॉक के कुड़ऊ व नरायनपुर, हरैया सतघरवा के बेला, श्रीदत्तगंज के बिथरिया परसपुर व बेलई बुजुर्ग तथा उतरौला ब्लॉक के मझौवा कान्द एवं इमिलिया बनघुसरा में भी भवन के लिए जमीन की तलाश नहीं हो सकी है।
एसडीएम से तलाश कराई जा रही जमीन
सीएमओ की ओर से स्वास्थ्य केंद्र निर्माण के लिए पर्याप्त जमीन न मिलने की रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके बाद अधिकारियों से वार्ता करके जमीन तलाशने की जिम्मेदारी संबंधित तहसील के एसडीएम को सौंपी गई है। कुछ जगह जमीन चिन्हित भी की जा चुकी है।
- प्रदीप कुुमार, एडीएम बलरामपुर