बलरामपुर। क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलवारी गांव में मनरेगा योजना से हाट बाजार का निर्माण कराया जा रहा है। इससे रेहड़ी व पटरी दुकानदारों के साथ ही क्षेत्रीय लोगों को भी काफी सहूलियत मिलेगी। दुकानदारों को जहां दुकान लगाने के लिए एक सुरक्षित जगह मिल सकेगी वहीं ग्रामीणों को सस्ती दर पर गुणवत्तायुक्त सामान की उपलब्धता होगी।
मनरेगा योजना के तहत सदर ब्लॉक के कलवारी गांव में निर्माणाधीन इस हाट बाजार के निर्माण पर 5.91 लाख रुपये का खर्च आएगा। हाट बनने के बाद गांव में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने से जहां रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे वहीं आस पास के गांव के अन्य व्यापारी भी गांव में आकर अपना उत्पाद बेच सकेंगे। इसके साथ ही रेहड़ी-पटरी पर फल व सब्जी आदि वस्तुएं बेचने वाले दुकानदारों को हाट में अलग से स्थान मिलने से दिन भर इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
अभी तक ग्राम पंचायत के अलावा आस-पास के दूसरे गांव के किसान, सब्जी विक्रेताओं सहित अन्य दुकानदारों को बाजार में अपना सामान बेचने के लिए तीन से चार किलोमीटर दूर भगवतीगंज बाजार तथा आठ किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगाना पड़ती है। हाट बाजार बनने से उन्हें अपने घर के पास व्यापार करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
जिला उपायुक्त मनरेगा सतीश पांडेय ने बताया कि ग्राम पंचायत कलवारी में मनरेगा योजना के तहत हाट के निर्माण में 16 दुकानें बन रही हैं। हाट बनने के बाद खुली बैठक करके स्थानीय लोगों को दुकानों को आवंटित की जाएगी। हाट में दुकान लगाने के लिए किराया भी निर्धारित किया जाएगा।