बलरामपुर। पंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई) को लेकर जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर के प्रबंधक व राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हरकीरत सिंह ने प्रधानों को पंचायत विकास सूचकांक के बारे में जानकारी दी।
कहा कि पीडीआई से ही पंचायतों को नई पहचान मिलेगी। ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का आकलन अब पीडीआई के जरिए किया जाएगा। इसके लिए हर साल पंचायत विकास सूचकांक जारी किया जाएगा। सूचकांक के माध्यम से जिले की 793 ग्राम पंचायतों को ग्रेड देकर रैंक किया जाएगा। रैंक के जरिए ही गांव में हुए विकास कार्य और मिलने वाली नागरिक सुविधाओं की हकीकत परखी जा सकेगी। पंचायत विकास सूचकांक जारी करने के लिए जल्द ही ब्लॉक स्तर पर ग्राम पंचायतों का डाटा फीड किया जाएगा।
जिला परियोजना प्रबंधक संदीप कश्यप ने बताया कि पंचायत विकास सूचकांक में नौ विषयों को शामिल किया जाएगा। इसमें गरीबी मुक्त और उन्नत आजीविका, स्वस्थ गांव, बाल-सुलभ गांव, जल-पर्याप्त गांव, स्वच्छ और हरित गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा, सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सुरक्षित गांव, सुशासन तथा महिला-अनुकूल गांव का मूल्यांकन होगा।