बलरामपुर। आयुष्मान योजना में शामिल जिले के दो लाख 88 हजार 695 लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराने की तैयारी है। यह प्रक्रिया प्रमुख सचिव द्वारा दिए गए निर्देश के बाद शुरू हुई है। अब तक परिवार के मुखिया को ही गोल्डन कार्ड मिलता था। जबकि अन्य सदस्यों का नाम उसी में नीचे दर्ज रहता था। इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब परिवार के सभी सदस्यों के नाम से गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगाें को बीमार होने पर पांच लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना शुरू की गई है। इसके तहत उपचार सरकारी व निजी दोनों अस्पतालों में मिलता है। आयुष्मान योजना में जिले के एक लाख 64 हजार 648 परिवार पंजीकृत हैं। इन परिवारों में कुल सात लाख 30 हजार 824 सदस्य शामिल हैं।
अभी तक परिवार के केवल एक सदस्य के नाम से गोल्डन कार्ड बनता था, बाकी सदस्यों का नाम उसी में अंकित होता था। अब सरकार ने इसमें बदलाव करते हुए लाभार्थी परिवार के सभी सदस्यों के नाम से गोल्डन कार्ड बनाने का निर्णय लिया है। ऐसे में कुल सात लाख 30 हजार 824 लोगों का गोल्डन कार्ड बनना है। इसमें से दो लाख 94 हजार 635 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाकर उन्हें वितरित किया जा चुका है। अब शासन ने दो लाख 88 हजार अन्य लाभार्थियों की सूची उपलब्ध कराते हुए उनको भी गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिले में इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आयुष्मान योजना के समन्वयक डॉ. आलोक ने बताया कि गोल्डन कार्ड बनाने के लिए शासन से दो लाख 88 हजार 695 लाभार्थियों का नाम आया है। इसमें आर्थिक जनगणना 2011 के दो लाख 37 हजार 428, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के 6163 और अंत्योदय योजना के 45 हजार 106 लाभार्थियों का नाम शामिल है।
65 प्रतिशत परिवारों तक पहुंचा गोल्डन कार्ड
आयुष्मान योजना के लाभार्थी 65 प्रतिशत परिवारों तक गोल्डन कार्ड पहुंचाया जा चुका है। इसमें कई ऐसे परिवार भी हैं जहां एक-दो सदस्यों को ही कार्ड मिल सका है। शासन ने 2,88,695 लाभार्थियों की सूची भेजी है। इनका भी गोल्डन कार्ड बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
- डॉ. बीपी सिंह, नोडल आयुष्मान योजना