महराजगंज तराई (बलरामपुर)। स्थानीय थाना क्षेत्र के लालनगर सिपहिया गांव में एक बच्ची को एक जंगली जानवर उठा ले गया था। पुलिस व वन विभाग की टीम की तरफ से की गई छह दिनों की तलाश के बाद बच्ची का कपड़ा, सिर व शरीर का अवशेष (हड्डी) गांव के दक्षिण में स्थित एक गन्ने के खेत में मिला है। तुलसीपुर थाने की पुलिस ने खेत में मिले सिर व शरीर के अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
दूसरी तरफ गांव में घुसे आशंकित तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की तरफ से अभी तक पिंजरा न लगाए जाने से क्षेत्रीय ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। लालनगर सिपहिया गांव में बीती चार नवंबर की शाम करीब 7.30 बजे ग्रामवासी अजय कुमार की पत्नी सुशीला देवी अपनी तीन वर्षीय बच्ची वंदिनी को साथ लेकर शौच के लिए खेत गई थी। इस दौरान चकरोड पर खड़ी बच्ची को एक जंगली जानवर उठा ले गया था। पगचिन्ह के आधार पर वन विभाग ने जंगली जानवर को तेंदुआ बताया था। इसके बाद से लापता बच्ची की तलाश की जा रही थी।
घटना के छठवें दिन बृहस्पतिवार की सुबह करीब नौ बजे नंदमहरा पुलिस चौकी के पुलिस कर्मियों को गांव के दक्षिण तरफ स्थित धर्मात्मा मिश्रा के खेत में बच्ची के कपड़े , सिर व शरीर का अवशेष मिला। बच्ची के पिता अजय कुमार भारती ने इसकी पहचान लापता बच्ची वंदिनी के बतौर की। पुलिस ने खेत में मिले सिर व अवशेष का पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना से नाराज शिवकुमार मिश्र, तुलसीराम, राकेश, श्यामलाल व कुन्नू आदि ने बताया कि बच्ची को जंगली जानवर द्वारा उठा कर ले जाने के दूसरे दिन ही गांव में तेंदुआ दिखाई पड़ने के बाद भी वन विभाग ने इसे पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं लगवाया है।