बलरामपुर। न्यायालय ने गांजे की तस्करी के दोषी एक व्यक्ति को 10 वर्ष के सश्रम कारावास व एक लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
जिला मॉनिटरिंग सेल प्रभारी केके यादव व सरकारी अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 12 नवंबर 1988 को पचपेड़वा थाने की पुलिस ने अर्रा नाला के पास से झिनकन को 36 किलोग्राम नेपाली गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। मुकदमा दर्ज कर झिनकन को जेल भेजा गया था।
विवेचना के बाद पुलिस ने जनपद बस्ती के ग्राम अर्जुनपुर, थाना छावनी निवासी झिनकन के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) जहेंद्र पाल सिंह ने झिनकन को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास व एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।