महराजगंज तराई (बलरामपुर)। तुलसीपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत उदईपुर बदलपुर में लंपी बीमारी फैलने से पशुपालक परेशान हैं। बीते दिनों लंपी बीमारी की चपेट में आने से चार मवेशियों की मौत हो चुकी है। जबकि तीन बीमार हैं। सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य टीम के गांव में न पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
उदईपुर बदलपुर गांव में कई दिनों से लंपी बीमारी फैली है। गांव निवासी महावीर ने बताया कि उनका और सोमई का एक-एक और नाथूराम के दो मवेशी की लंपी बीमारी से मौत हो चुकी है। उन्होंने पशु चिकित्सालय पर सूचना दी लेकिन कोई स्वास्थ्यकर्मी जांच करने नहीं आया। अभी भी तीन मवेशी बुरी तरह बीमार हैं।
ग्रामीण अब्दुल अजीज, प्रदीप व विजयपाल आदि ने बताया कि पशुओं के पूरे शरीर पर बड़े-बड़े दाने निकल आए हैं। तेज बुखार भी रहता है। इसकी जानकारी पशु चिकित्सालय पर दी गई थी लेकिन चिकित्सक जांच करने नहीं आए। बीमारी बढ़ने से चारों मवेशियों की मौत हो गई।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमित कुमार ने बताया की कौवापुर अस्पताल में कर्मचारियों की कमी के कारण पशुओं के इलाज करने में असुविधा होती है। उदईपुर बदलपुर गांव में पशुओं के बीमार होने की सूचना मिली है। पैरामेडिकल टीम को भेजकर पशुओं का टीकाकरण व पशुपालकों को दवा वितरण कराया गया है।
पशुपालकों को दी जानकारी
गैसड़ी। क्षेत्र के कोड़री गांव में पशु विकास केंद्र कठौआ में पशुपालक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पशु चिकित्सक डाॅ. पारितोष मिश्र ने पशुपालकों को पशुपालन के जरिए आर्थिक स्थिति सुधारने के संबंध में जानकारी दी। साथ ही पशुओं में होने वाली बीमारी, बचाव व लक्षण के बारे में जानकारी दी गई। गोष्ठी में अवधेष प्रताप सिंह व सुभाष चंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।