महराजगंज तराई (बलरामपुर)। अवकाश पर मरीजों को इलाज मुहैया कराने के लिए शुरू हुआ मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेला अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ता जा रहा है। डॉक्टर मेले से गायब रहते हैं, फार्मासिस्ट मरीजों का उपचार करते हैं। आरोप है कि परिसर में रहने वाले कर्मचारियों के परिजन मरीज व तीमारदारों से अभद्रता करते हैं। ऐसी ही लापरवाही व अव्यवस्था रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कौवापुर में देखने को मिला।
दोपहर 1:30 बजे अस्पताल में डॉक्टर जय सिंह गौतम की कुर्सी खाली मिली। फार्मासिस्ट रामतीरथ मरीजों को दवा बांट रहे थे। अब तक 28 मरीजों का उपचार किया गया था। फार्मासिस्ट ने बताया कि मरीजाें की परेशानी को देखते हुए उन्हें लक्षण के अनुसार दवा दी गई है। डॉ. जय सिंह गौतम ने फोन पर बताया कि वे करीब डेढ़ बजे तक मेले में थे उसके बाद घर चले गए।
परिसर में खड़े संतोष, राजू व छोटे लाल ने बताया कि डॉक्टर अक्सर गायब रहते हैं। ऐसे में उपचार के लिए झोलाछाप के पास जाना पड़ता है। बंटू सिंह, शिवराम, अशोक कुमार व रफतुल्ला ने बताया कि अस्पताल में तैनात एक कर्मचारी का बेटा यहां आने वाले मरीजों व तीमारदारों से अभद्रता करता है। इस बात को लेकर अक्सर मरीज व कर्मचारी के बेटे में कहासुनी होती है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पचपेड़वा क्षेत्र के पीएचसी भगवानपुर खादर में डॉ. गयासुद्दीन खान इलाज करते मिले। उन्होंने बताया कि अब तक 33 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि पीएचसी में अभी संसाधनों का भारी अभाव है। फिर भी मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पीएचसी मथुरा बाजार में भी डॉ. रजत शुक्ला उपचार करते मिले।
वहीं, सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि रविवार को आरोग्य मेले में 643 मरीजों का उपचार किया गया। इसमें 224 महिलाएं, 296 पुरुष व 123 बच्चे शामिल रहे।
अस्पताल से भूखी लौटीं प्रसूताएं
पीएचसी में रविवार को भर्ती सुगानगर निवासिनी प्रसूता कन्या कुमारी ने बताया कि यहां मरीजों की देखभाल ठीक से नहीं होती है। भगवानपुर निवासी फहमीदा व भलुहिया निवासी प्रसूता शहरुनिशा ने बताया कि रात में डिलीवरी हुई थी। अब तक अस्पताल से कुछ नहीं मिला है। चाय भी होटल से मंगवाया है।
मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
आरोग्य मेला मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें सभी चिकित्सकों को पूरे समय अस्पताल में बैठकर मरीज देखने का निर्देश दिया गया है। डॉक्टर दो बजे से पहले कैसे घर चले गए इस संबंध में उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
- डॉ. सुमंत सिंह चौहान, अधीक्षक सीएचसी तुलसीपुर