बलरामपुर। नाबालिग से छेड़खानी करने के दोषी को न्यायालय ने पांच साल की कैद व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसी मामले में शामिल तीन अन्य सगे भाइयों को मारपीट का दोषी मानते हुए पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शुक्ल ने बताया कि नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव की एक महिला ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि 17 अक्तूबर 2016 को दिन के समय गांव में रहने वाले चार सगे भाइयों ने उसकी नाबालिग बेटी से छेड़खानी की। विरोध पर मारपीट की और गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मुकदमा नहीं दर्ज किया तो पीड़िता ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। जिसके बाद न्यायालय ने परिवाद के तहत मुकदमा पंजीकृत कर गवाहों का बयान लिया।
बयान के आधार पर न्यायालय ने अमित कुमार, प्रवीण कुमार, कृष्ण कुमार व अरविंद कुमार को तलब किया। न्यायालय में वादिनी, नाबालिग पीड़िता सहित पांच गवाहों ने बयान दर्ज कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जहेंद्र पाल सिंह ने अमित कुमार को नाबालिग से छेड़खानी करने का दोषी मानते हुए पांच साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। न्यायाधीश ने अन्य तीनों भाई प्रवीण कुमार, कृष्ण कुमार व अरविंद को मारपीट का दोषी मानते हुए सभी पर पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को तीन-तीन माह का कारावास भुगतना पड़ेगा।