आठ मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा समुद्र के तटीय शहर
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। जिले के मत्स्य पालकों को मछली पालन का आधुनिक तरीका सिखाने के लिए समुद्र के तटवर्ती शहरों का भ्रमण कराया जाएगा। वहां के मत्स्य पालकों से यहां के मत्स्य पालक आधुनिक तकनीक से मछली पालन करना सीखेंगे। भ्रमण पर जाने के लिए मत्स्य विभाग में आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
खेती-किसानी के साथ ही सरकार की ओर से मछली पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से मछली पालकों को कई सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं ताकि मत्स्य पालन व्यवसाय को प्रोत्साहन मिल सके और मछली का उत्पादन बढ़ सके। मछली पालकों को सरकार की ओर से सब्सिडी और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसी कड़ी में मछुआ कल्याण कोष के तहत जिले के आठ मत्स्य पालकों को समुद्र के तटवर्ती शहर जहां, मछली का बेहतर उत्पादन होता है, वहां का भ्रमण कराया जाएगा। इन लोगों को मछली पालन का आधुनिक तरीका सिखाया जाएगा ताकि वह मछली उत्पादन बढ़ाकर अधिक मुनाफा कमा सकें। भ्रमण पर आने-जाने, खाने व ठहरने की व्यवस्था मत्स्य विभाग की तरफ से की जाएगी।
मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक डॉ. विनोद वर्मा ने बताया कि आवेदन शुरू हो गया है। आठ मत्स्य पालकों को भ्रमण पर भेजा जाएगा। अभी तक सिर्फ दो ही आवेदन पत्र मिले हैं। भ्रमण पर जाने के लिए मत्स्य पालक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभी स्थान चिन्हित नहीं किया गया है, लेकिन चेन्नई, भुवनेश्वर, पश्चिम बंगाल या मुंबई का भ्रमण कराए जाने की संभावना है।