बलरामपुर के मोतीपुर कला गांव के मजरे बलोहवा में अग्निकांड का जायजा लेते सदर एडीएम राजेंद्र बहा
हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। मोतीपुर कला के बलोहवा गांव में तेज हवा के झोंके से चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। झोपड़ी में अकेली चार साल की मासूम बालिका की जलकर मौत हो गई। वहां परिवार के अन्य सदस्य नहीं थे, ऐसे में लोग जान ही न पाए कि लपटों से घिरी झोपड़ी में बालिका है। अग्निकांड में एक अन्य झोपड़ी भी जलकर राख हो गई।
हरैया थाना क्षेत्र के बलोहवा गांव में मंगलवार सुबह 11 बजे कन्हई कुरील के घर में चूल्हे की चिंगारी से आग लग गई। घटना के वक्त घर के भीतर कन्हई की चार साल की बेटी ज्योति अकेली थी। आग लगने पर ज्योति बाहर नहीं निकल सकी। इससे वह जिंदा जल गई। उस समय कन्हई मजदूरी करने गया था। उसकी पत्नी कौशल्या देवी गांव में गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक खाना बनाने के बाद चूल्हे में कहीं आग रह गई थी। तेज हवा चलने से इसी आग से उठी चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। आग में बाइक सहित गृहस्थी का सारा सामान जल गया। कन्हई के पड़ोसी राम अचल वर्मा की भी गृहस्थी का सारा सामान जल गया।
एसडीएम राजेंद्र बहादुर व सीओ ज्योतिश्री ने गांव पहुंचकर अग्निकांड की जानकारी की। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढांढ़स बंधाया। एसडीएम ने बताया कि पीड़ित परिवार को शीघ्र ही आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। इंस्पेक्टर गोविंद कुमार ने बताया कि ज्योति का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
सुंदरघाट के पास तेंदुआ जंगल में मंगलवार को भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग करीब 800 बीघे में फैल गई। इससे आसपास के किसानों में अफरातफरी मच गई। उतरौला फायर स्टेशन के प्रभारी जुबेर खान दमकल टीम लेकर पहुंचे और आग बुझानी शुरू की। लपटों के फैलने के चलते प्रभारी ने तत्काल मनकापुर से भी एक दमकल मंगाई। आसपास के तमाम ग्रामीण भी मदद में जुट गए। घंटों मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका।