बलरामपुर। नगर स्थित एक होटल सभागार में बुधवार को मानसिक स्वास्थ्य विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य के साथ ही बाढ़ में फैलने वाली बीमारियों से बचाव पर चर्चा हुई। सीएमओ ने बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए मीडिया कर्मियों से सहयोग करने की अपील भी की।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। सीएमओ ने कहाकि मानसिक बीमारी के मरीज तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। सर्वे रिपोर्ट की मानें तो प्रत्येक परिवार में कम से कम एक सदस्य मानसिक रूप से बीमार होता है लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इलाज नहीं कराते हैं। पढ़ाई का अत्यधिक दबाव व अभिभावकों की अधिक उम्मीद बच्चों को भी मानसिक रूप से बीमार कर रही है।
अभिभावक सचेत रहे। एसीएमओ डॉ. अजय कुमार शुक्ल ने कहाकि ऐसे रोगियों का उपचार करने के लिए जिला मेमोरियल चिकित्सालय के कमरा नंबर 23 में ओपीडी चलती है। मनोचिकित्सक डॉ. अशोक कुमार पटेल ने कहाकि तनाव (डिप्रेशन) वाले मरीजों में आत्महत्या की आशंका बढ़ जाती है। किसी भी सदस्य के एक हफ्ते से अधिक तनाव में रहने पर तत्काल उसे सेंटर पर लाएं। दवा व काउंसिलिंग (परामर्शन) के जरिए मरीज ठीक हो जाता है।
कार्यशाला में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सजीवन लाल ने टीबी की बीमारी, जांच व उपचार की जानकारी दी। संचारी के नोडल डॉ. एके सिंघल ने बाढ़ के दौरान फैलने वाली वेक्टर जनित (संचारी) बीमारियों की जानकारी देते हुए मीडिया कर्मियों से सकारात्मक सहयोग की अपील की।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राजेश कुमार पांडेय ने मच्छर जनित बीमारी के कारण व बचाव पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला का संचालन जिला स्वास्थ्य एवं सूचना अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने किया। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार चौधरी, विदेह पांडेय, अविनाश विक्रम सिंह, आरके मिश्र व मोहम्मद नासिर समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी व मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।