बलरामपुर। हल्की बरसात के बाद धान व गन्ने की फसल के लिए किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही। किसान खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। जिले की अधिकांश समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसानों को प्राइवेट दुकानों से 350 रूपये में यूरिया खरीदने के लिए विवश होना पड़ता है। अधिकारी बताते हैं कि गोदाम पर खाद उपलब्ध है, लेकिन सचिव भाड़ा बचाने के लिए गोदाम से यूरिया उठाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं, इसका खामियाजा किसानों को झेलना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय सहकारी समिति कौवापुर में ताला लटकता मिला। समिति से लौट रहे राजू, प्रमोद व छोटका ने बताया कि यूरिया लेने आए थे, लेकिन समिति पर ताला बंद है।
जरवा क्षेत्र के कुशहवा में स्थित बहुउद्देशीय दीर्घाकार सहकारी समिति लिमिटेड सोनगढ़ा में भी ताला लटकता मिला। सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने फोन पर बताया कि समिति को 20 दिन पहले 680 बोरी खाद मिली थी, उसे वितरित किया जा चुका है। खाद की डिमांड भेजी गई है, सप्लाई मिलते ही किसानों को वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
शाम चार बजे बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति सेखुईकला खुला मिला, लेकिन समिति में खाद नहीं थी। सचिव रामउजागर ने बताया कि एक दिन पहले खाद समाप्त हो गई है। सप्लाई मिलते ही वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
जरवा क्षेत्र में रहने वाले ननकन मिश्रा, शकील खान, राघवराम थारू, हरीश, घनश्याम व खेम सिंह राणा ने बताया कि धान की फसल में डालने के लिए यूरिया नहीं मिल रही है। प्राइवेट दुकानों पर 350 से लेकर 400 रुपये में खाद लेना पड़ रहा है। बलरामपुर देहात में रहने वाले संतोष, दीपराज, विनीता व पप्पू ने बताया कि खाद लेने के लिए दो दिन से भटक रहे हैं, लेकिन समिति पर खाद नहीं मिली।
एआर कोऑपरेटिव अमरेश मणि त्रिपाठी का कहना है कि गोदाम पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है, लेकिन सचिव गोदाम से समिति तक लगने वाले भाड़े से बचने के लिए खाद की उठान करने से कतरा रहे हैं। सचिव रैक लगने पर समिति तक फ्री खाद पहुंचने की आस में बैठे रहते हैं। गोदाम पर पर्याप्त खाद उपलब्ध है, सचिव यहां से उठान कर सकते हैं।