बलरामपुर। महर्षि विश्वविद्यालय लखनऊ से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कर रहे छात्र अभिजीत पांडेय की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। नगर के पहलवारा मोहल्ले में पीपल तिराहा पर स्थित उनके मकान पर शाम को शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। मृतक की मां रो-रोकर बेहाल दिखी। पिता ने बताया कि वह जल्द ही लखनऊ जाकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मड़ियाव थाने में पुत्र की मौत का केस भी दर्ज करवाएंगे।
मोहल्ला पहलवारा निवासी नागेंद्र कुमार पांडेय के पुत्र अभिजीत पांडेय महर्षि विश्वविद्यालय लखनऊ में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कर रहा था। अभिजीत एक अच्छा खिलाड़ी भी था। उसने ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट हासिल करने के साथ दो बार नेशनल गेम्स में पदक भी जीता था। बीते सोेेमवार को मड़ियांव के महर्षिनगर में किराये के मकान में अभिजीत ने फांसी लगा कर खुदकुशी कर ली थी।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद उनका शव बलरामपुर स्थित पैतृक निवास पर लाया गया। उसका अंतिम संस्कार राप्ती नदी के सिसई घाट पर हुआ। पुत्र के शव को मुखाग्नि देते समय पिता नागेंद्र कुमार पांडेय के हाथ कांप उठे। रोते हुए उन्होंने कहा कि अब उनके बुढ़ापे का सहारा कौन बनेगा। शाम होते हुए अभिजीत के घर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों की भीड़ भी जुटने लगी। अभिजीत की मां मंजूलिता पांडेय तथा उनकी दोनों बहनों की आंख के आंसू भी थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पिता नागेंद्र पांडेय ने बताया कि अब तक यह समझ नहीं आया है कि बेटे ने अचानक फांसी क्यों लगा ली।