बलरामपुर। तराई क्षेत्र में आदमखोर हो चुके तेंदुए के आतंक से लोगों भयभीत हैं। दूसरी तरफ तेंदुए की धरपकड़ के लिए वन विभाग की तरफ से जुटाई गई विशेषज्ञों की टीम पकड़ना तो दूर अभी तक उसकी लोकेशन तक पता नहीं कर सकी है। बीते एक पखवाड़े में तीन मासूमों को निवाला बनाने वाला तेंदुआ इतना चालक है कि वह वन विभाग की तरफ से लगाए गएसीसीटीवी कैमरे वाले रास्ते को छोड़ अब तुलसीपुर पहुंच गया है।
वन विभाग के वन संरक्षक देवीपाटन मंडल मनोज कुमार सोनकर भी पूरी टीम के साथ क्षेत्र में कैंप कर तेंदुए की खोज में जुटे हैं। जौनपुर से आई एक्सपर्ट की टीम के साथ ही बाराबंकी व सिद्धार्थनगर के डीएफओ को भी आपरेशन तेंदुए में जुटाया गया है। इस बीच क्षेत्रीय नागरिकों ने तेंदुए को अब तुलसीपुर के कौव्वापुर में देखा है। इसके पहले वह लाला नगर सिपहिया और बेलवा में आतंक मचा चुका है। उसके कदम आबादी की ओर बढ़ने से वन विभाग के माथे पर सिकन दिख रही है तो स्थानीय लोग दहशत में हैं।
बीते 10 दिनों में तेंदुए अब तक तीन मासूम बच्चों को अपना शिकार बना चुका है। अब तक वह हर्रैया थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में जगदंबा प्रसाद के सात वर्षीय बेटे विकास के साथ ही तुलसीपुर थाना क्षेत्र के लाल नगर सिपहिया गांव से दो बच्चों का शिकार कर चुका है।सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ सेमरान मुथु ने बताया की घटनास्थल के आसपास जो पग चिन्ह मिले हैं वह तेंदुए के हैं।
बताया कि लाल नगर सिपहिया गांव में नौ कैमरे और चार पिंजरे लगाए गए हैं लेकिन अभी तक कोई जानवर ना तो पिंजरे में फंसा है और ना ही कमरे में कैद हुआ है। गुरुवार की रात बेलवा गांव में हुई घटना के बाद यहां भी कैमरे लगाए जा रहे हैं और पिंजरा भी लगाया गया है।
महाराजगंज तराई थाना के लक्ष्मनपुर गांव निवासी मिथिलेश कुमार पांडे ने बताया कि तेंदुआ निकालने की खबर मिलने से गांव वालों ने गांव के सभी गन्ने के खेत को को घेर लिया। इसी दौरान गांव के निवासी हरीराम का लड़का राजेश उम्र लगभग 12 वर्ष गायब हो गया, काफी खोज करने पर गांव के ही संतोष पांडेय के यहां वह सोता हुआ मिला। इसके बाद ही लोगों ने राहत महसूस की। इलाके के डरे सहमे बच्चे भी स्कूल नहीं जा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी ने सदर तहसील बलरामपुर व तहसील तुलसीपुर के कई गांवों में आतंक व दहशत का पर्याय बन चुके तेंदुए को शीघ्र पकड़वाने के साथ ही मृतक बच्चों को परिजनों को शासन की तरफ से आर्थिक मदद मुहैया कराने की मांग की है। पार्टी नेताओं ने पीड़ित परिवारों को 25- 25 लाख रुपये मुआवजा दिलवाने की मांग की है।