श्रीदत्तगंज (बलरामपुर)। कौशल विकास मिशन के तत्वाधान में मंगलवार को श्रीदत्तगंज ब्लॉक परिसर में एक रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इसमें नौकरी पाने की चाहत में इंजीनियरिंग व डीएलएड पास युवा भी पहुंचे। मेले में मौजूद प्राइवेट कंपनी के प्रतिनिधियों ने बेरोजगार युवाओं का पंजीकरण कर उपलब्ध रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान चयनित को प्रशिक्षण के लिए गोरखपुर जाने की बाध्यता से भी युवा परेशान व हताश नजर आए।
मेले का शुभारंभ संयुक्त मिशन निदेशक देवीपाटन मंडल राजेश राम ने करते हुए कौशल विकास मिशन से जुड़े उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। रोजगार मेला में नौकरी की तलाश में सिविल इंजीनियरिंग कर चुकीं अनुराधा व पिपरी कोल्हुई की डीएलएड उत्तीर्ण सपना तिवारी भी अभ्यर्थियों की भीड़ में भटकती नजर आईं। इसके साथ ही हेल्पर, कार्यालय सहायक जैसे पदों के लिए स्नातक व परास्नातक पास अभ्यर्थी भी कतार में खड़े मिले।
मेले में मौजूद प्राइवेट कंपनी के प्रतिनिधियों ने नौकरी से पहले तीन माह का प्रशिक्षण लेने का शर्त भी रख रखी थी। प्रशिक्षण पाने के लिए चयनित को गोरखपुर केंद्र पर जाना होगा। इस दौरान अभ्यर्थी को रहने व खाने की व्यवस्था भी खुद अपने स्तर पर करना होगी। इसे लेकर मेले में आए युवाओं में काफी हताशा व परेशानी दिखी।
बीएलएड पास मनोज गुप्त, आईटीआई कर चुके ध्रुव कुमार पांडेय व एमए पास आफरीन ने बताया कि घर छोड़कर इतना दूर अपने खर्च पर प्रशिक्षण लेना संभव नहीं है। इसके बाद मात्र 10 हजार रुपये की नौकरी से क्या होगा। इसी कराण चयन के बाद भी कई युवाओं ने गोरखपुर प्रशिक्षण के लिए जाने से इंकार कर दिया।
रोजगार मेले में कुल 100 युवाओं ने पंजीकरण कराया। इसमें से सिर्फ 20 युवाओं को ही नौकरी के लिए ऑफर लेटर दिया गया। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी सुमित सिंह, एडीओ कोऑपरेटिव आनंद बाबू व मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सत्यम शुक्ल आदि मौजूद रहे।