फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balrampur News: कोहरे के साथ सर्द हवाओं की दोहरी मार, पारा लुढ़का

Fri, 26 Jan 2024 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। कोहरे के साथ सर्द हवाओं की दोहरी मार से ठंड का प्रकोप बढ़ा है। बृहस्पतिवार को दिनभर सूरज नहीं निकला। सुबह से छाया कोहरा व धुंध दिन भर कायम रहा। ऐसे में ठंड से बचाव के लिए प्रशासन की तरफ से किए गए अलाव के इंतजाम भी नाकाफी साबित होते दिखे। सर्द हवाओं के कारण बृहस्पतिवार को जिले का न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 6.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। जबकि अधिकतम तापमान 15.3 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
विज्ञापन

ठंड व कोहरे के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी काफी कम रही। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों के साथ ही जगह-जगह आग जलाकर तापने को विवश दिखे। अस्पतालों की ओपीडी में भी बुखार के साथ कोल्ड डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है।
बृहस्पतिवार को दिन की शुरुआत कोहरे व गलन के बीच हुई। ठंडी हवाओं के कारण लोग ठिठुरन से कांपते रहे। दोपहर तक बादलों की आवाजाही से गलन बनी रही। इससे बाजारों में सन्नाटे के साथ ही सड़कों पर भी आवाजाही काफी कम हो गई है। लोग बहुत जरूरी कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
विज्ञापन

- ठंड का प्रकोप बुखार, कोल्ड डायरिया के साथ ही हृदय रोगियों पर भारी पड़ रहा है। जिला मेमोरियल अस्पताल, जिला महिला अस्पताल एवं संयुक्त जिला चिकित्सालय की ओपीडी में मरीजों की भीड़ दो गुना तक बढ़ी है। इसमें ज्यादा संख्या बुखार व कोल्ड डायरिया पीड़ित बच्चों की है। इसके साथ ही बुर्जुग व उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीज भी अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
जिला मेमोरियल चिकित्सालय के डॉ. अजय कुमार पांडेय ने बताया कि सर्दी का मौसम होने के कारण अस्पताल में रोजाना 400 से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है। उन्होंने सलाह दी कि ठंड में बीमारियों से बचने के लिए सभी को पूरी सावधानी बरतना चाहिए। जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। बचाव के लिए सभी गर्म कपड़े पहनने के साथ गर्म पानी का प्रयोग ही करें। ठंडा व बांसी भोजन खाने से बचे।

कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के वैज्ञानिक डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि कम तापमान और आर्द्रता 90 फीसदी से ऊपर होने के कारण सरसों में सफेद रतुआ बीमारी की शिकायत भी बढ़ रही हैं। इससे सरसों का उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही है। हालांकि लगातार ठंड व कोहरे के कारण गेहूं की फसल काफी बेहतर होने की उम्मीद भी जगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें