बलरामपुर। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों का उपचार करने के लिए रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगने वाला मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला महज रस्म अदायगी बनकर रह गया है। चिकित्सक मेले में आते ही नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को इलाज में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को नगर के खलवा मोहल्ला स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर देखने को मिला।
नगरीय स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को दोपहर 12.15 बजे चिकित्सक का कक्ष बंद मिला। अस्पताल में डॉ. अखंड प्रताप सिंह व डॉ. नुजहत शमीम की तैनाती है मगर मेले के दिन दोनों डॉक्टर अनुपस्थित रहे। फार्मासिस्ट समीर सिद्दीकी भी नहीं आए। बगल वाले कक्ष में स्टाफ नर्स प्रियंवदा पांडेय व स्वीपर सोनी बैठी मिलीं। स्टाफ नर्स ने बताया कि एक गर्भवती टीकाकरण कराने के लिए आने वाली है, उसी का इंतजार कर रहे हैं। अस्पताल के बाहर खड़े संतोष, राजू व दीपक ने बताया कि बुखार की दवा लेने आए हैं मगर अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं हैं।
पचपेड़वा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगवानपुर खादर में डॉ. सत्येंद्र कुमार मौर्य ने 30 मरीजों की जांच कर उपचार किया। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि जिले के 24 अस्पतालों में लगे मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 724 मरीजों की जांच कर उपचार किया गया। इसमें 243 महिलाएं, 341 पुरुष व 140 बच्चे शामिल हैं। बताया कि नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अनुपस्थित मिले चिकित्सक से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में तीन दिवसीय मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के अंतिम दिन रविवार को छह लोगों ने रक्तदान किया। सीएमएस डॉ. प्रवीण कुुमार की देखरेख में अंशिका अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, शुभम उपाध्याय, सूरज व लवकुश पांडेय समेत छह लोगों ने रक्तदान कर जरूरतमंदों की सहायता का संकल्प लिया। इस अवसर पर डॉ. फरहाना, सीपी श्रीवास्तव, अशोक पांडेय, हिमांशु तिवारी, अभिषेक सिंह व नीरज ने रक्तदाताओं का सहयोग किया।