बलरामपुर। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 34042 वादों का निस्तारण करते हुए तीन लाख तीन हजार 150 रुपए का जुर्माना वसूला गया।
दीवानी न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष अनिल कुमार झा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव विमल प्रकाश आर्य ने बताया कि जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार झा ने आठ,
प्रभारी पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना प्रतितोष अधिकरण सुमित प्रेमी ने दो, प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय विनोद कुमार बरनवाल ने 35 वादों का निस्तारण किया। इसके अतिरिक्त अन्य अधिकारियों ने कुल 34042 वादों का निस्तारण किया गया। साथ ही तीन लाख तीन हजार 150 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया।
मुकदमे से मिली राहत
इंडियन बैंक कडेला से हकीमुल्ला ने 3 लाख रुपये कर्ज 2018 में लिया था। समय से कर्ज वापस नहीं कर पाए तो बैंक ने दबाव बनाना शुरू किया। लोक अदालत में शनिवार को बैंक और हकीमुल्ला के बीच समझौता हो गया। उन्होंने एक लाख 30 हज़ार रुपये जमा कर दिया है। 2 लाख 65 हज़ार 500 रुपये एक माह जमा करने का मौका लिया है।
इसी तरह सोनाटा फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक अमित यादव ने बताया कि अकबाल सिद्दिकी ने 10 हजार रुपए कर्ज लिया था। लोक अदालत में समझौता हो गया और उन्होंने 2000 रुपये जमा कर दिया है, शेष राशि के लिए एक माह का समय लिया है। एक अन्य मामले में सोनाटा फाइनेंस और परिवादी के बीच समझौता लोक अदालत में हुआ है। 25 हज़ार रुपये का कर्ज लेने वाले परिवादी ने 5000 रुपये जमा कर दिया है और 15582 रुपये जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय तय हुआ है।