देवीपाटन में मां पाटेश्वरी की पूजा-अर्चना के साथ मुंडन व अन्य संस्कारों के लिए जुटी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। चैत्र नवरात्र के छठवें दिन रविवार को मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना के लिए देवी मंदिरों में श्रद्धालु उमड़ पड़े। देवी मंदिरों में सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। शक्ति पीठ देवी पाटन मंदिर में मां पाटेश्वरी का दर्शन करने के साथ ही बच्चों का मुंडन व कर्णछेदन कराने वालों की भारी भीड़ जुटी।
नवरात्र के छठवें दिन मां कात्यायनी की पूजा का विधान है। मान्यता है कि माता के दिव्य स्वरूप का ध्यान करने से अज्ञानता, असंतोष, तमस एवं जड़ता जैसे दुर्गुण समाप्त होते हैं। वहीं इनकी आराधना करने पर कर्म व ज्ञान रूपी प्रकाश से व्यक्ति का जीवन खुशहाल हो जाता है। त्याग, तपस्या व सद्कर्म की प्रेरणा देने वाली देवी कात्यायनी की पूजा-अर्चना के लिए रविवार को शक्ति पीठ देवी पाटन मंदिर में सुबह 4:00 बजे से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
श्रद्धालुओं ने सूर्य कुंड में स्नान कर मां पाटेश्वरी की पूजा-अर्चना की। यहां पर लोगों ने अपने बच्चों का मुंडन व कर्णछेदन आदि संस्कार कराकर देवी का आशीर्वाद दिलाया। देवीपाटन के साथ ही जरवा स्थित रहिया देवी, तुलसीपुर स्थित नई माता मंदिर, बिजलीपुर स्थित बिजलेश्वरी देवी मंदिर, उतरौला स्थित ज्वाला देवी मंदिर तथा नगर स्थित झारखंडी मंदिर, सम्मय माता मंदिर एवं कालीथान पर भी पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
मां वैष्णो व बाबा बर्फानी का दरबार बना आकर्षण का केंद्र
तुलसीपुर (बलरामपुर)। शक्तिपीठ देवीपाटन में चल रहे राजकीय मेले में मेलार्थियों की भारी भीड़ जुट रही है। रविवार को बच्चों व महिलाओं के साथ भारी संख्या में पुरुषों ने भी मेले का भरपूर आनंद लिया। मेलार्थियों ने सपरिवार मेले की मशहूर जलेबी, कचौड़ी, समोसा व इमरती का लुत्फ उठाया। बच्चों ने चरखी, झूला व फिसलपट्टी पर धूम मचाया। वहीं भारी भीड़ की वजह से मेले में बिक्री बढ़ने से दुकानदारों के चेहरे खिले रहे। मेले में लगा सर्कस, झूला व मौत का कुआं के साथ पहली बार सजा बाबा बर्फानी व मां वैष्णो का दरबार लोगों को खूब भा रहा है। महिलाएं और किशोरियां टैटू बनवाने में भी उत्साहित दिखीं।