बलरामपुर। यू डायस पोर्टल पर शिक्षक व बच्चों का विवरण दर्ज न करने वाले 31 मदरसों को कार्रवाई से बचाने के लिए विभागीय अधिकारी दांव-पेच लगाने में जुटे हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने पहले तो इन मदरसों का नाम यू-डायस पोर्टल से हटाने का पत्र बीएसए को भेजा था। अब नियमों का हवाला देते हुए अधिकारी इन मदरसों पर कार्रवाई करने से बचते दिख रहे हैं।
शिक्षण संस्थानों को पंजीकृत अध्यापक व बच्चों का संपूर्ण विवरण यू-डायस पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश शासन ने दिया था। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा कई बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी 34 मदरसों ने पंजीकृत करीब पांच हजार विद्यार्थी व शिक्षकों का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। इस पर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने गत 17 जुलाई को बीएसए के नाम पत्र लिखकर इन 34 मदरसों का नाम यू-डायस पोर्टल से हटाने का अनुरोध किया था। इसके बाद तीन मदरसों ने तो विवरण अपलोड करना शुरू कर दिया, शेष बचे 31 मदरसों ने अभी भी शुरू नहीं किया।
विभाग ने पोर्टल से नाम हटाने के लिए बीएसए को पत्र तो लिख दिया लेकिन इन मदरसों की मान्यता खत्म करने की कार्रवाई शुरू नहीं की। जबकि नियम यह है कि यू डायस पोर्टल से शिक्षण संस्थानाें का नाम हटाने के साथ उनकी मान्यता भी समाप्त कर दी जाए।
भेजी गई 41 संस्थानों की सूची
बीएसए कल्पना देवी ने बताया कि शासन से मांगे जाने पर यू-डायस पोर्टल पर विवरण अपलोड न करने वाले 41 संस्थानों की सूची भेजी गई है। इस सूची में 10 निजी स्कूल व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा भेजे गए 31 मदरसे शामिल हैं।
10 तक दिया मौका
यू-डायस पोर्टल पर विवरण अपलोड करने के लिए समयावधि बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी गई है। मदरसों पर दबाव बनाने के लिए पाेर्टल से नाम हटाने का पत्र बीएसए को भेजा गया था। आगे का निर्णय सीडीओ के साथ होने वाली बैठक में लिया जाएगा।
-यशवंत मौर्या, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी