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डॉ. पीपी सिंह का निधन शिक्षा जगत के लिए अपूर्णनीय क्षति

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बलरामपुर। प्रख्यात रसायन शास्त्री एवं एमएलके महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. पीपी सिंह का रविवार सुबह लखनऊ में निधन हो गया। शिक्षकों ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उनके निधन को शिक्षा जगत के लिए अपूर्णनीय क्षति बताया।
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विदित हो कि डॉ. पीपी सिंह एमएलके महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्रबंध समिति के सचिव रह चुके थे। वह बरेली कॉलेज में भी प्राचार्य रह चुके थे। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने कई कीर्तिमान स्थापित किए। वह डॉक्टर ऑफ साइंस के साथ ही फेलो नेशनल एकेडमिक साइंस के सदस्य भी रह चुके हैं। रिसर्च के लिए उन्होंने कनाडा, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर आदि देशों की यात्रा की। इनके संरक्षण में 50 से अधिक शोधार्थियों ने रिसर्च किया है।
डॉ. पीपी सिंह के 150 से अधिक नेशनल व इंटरनेशनल शोध पत्र प्रकाशित होने के साथ ही रसायन शास्त्र की कई किताबें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। इनके पुत्र डॉ. आरके सिंह गब्बू भी एमएलके महाविद्यालय के प्राचार्य रहने के साथ ही उच्च शिक्षा आयोग उत्तर प्रदेश के सदस्य रह चुके हैं।
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डॉ. पीपी सिंह कई दिनों से बीमार थे और लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में उनका इलाज चल रहा था। जहां रविवार सुबह उनका निधन हो गया।
एमएलके महाविद्यालय की प्रबंध समिति के सचिव लेफ्टिनेंट कर्नल आरके मोहंता, संयुक्त सचिव बीके सिंह, प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय, गैसड़ी विधायक डॉ. एसपी यादव, पूर्व प्राचार्य डॉ. आरबी श्रीवास्तव, डॉ. पीके सिंह सहित सभी शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए डॉ. पीपी सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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