बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट ने दलित उत्पीड़न व छेड़खानी का दोषी करार देते हुए एक व्यक्ति को तीन साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषी को 5500 रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
विशेष लोक अभियोजक एससी एसटी एक्ट रणधीर सिंह ने बताया कि पचपेड़वा में एक महिला ने 30 मई 2015 को थाने में तहरीर दी थी। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि गांव के ही पुल्लुर ने 29 मई 2015 की सुबह उसके साथ छेड़खानी की और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया।
पुलिस ने मुकदमा लिखकर पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराते हुए पीड़िता का न्यायालय पर बयान दर्ज कराया। जांच में शिकायत सही मिलने पर विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने पांच गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट विनोद कुमार ने पुल्लुर को दलित उत्पीड़न व छेड़खानी का दोषी करार दिया। उसे तीन साल कैद व 5500 रुपये अर्थदंड अदा करने की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।