गौरीगंज (अमेठी)। कोरोना की जांच के लिए जिला अस्पताल में स्थापित आरटीपीसीआर केंद्र के संचालन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यह स्थिति यहां कार्यरत सभी तीन कर्मचारियों का नए वित्तीय वर्ष में नवीनीकरण नहीं होने से उपजी है।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब की स्थापना कराई गई। तब से जिले में एकत्र किए जा रहे सैंपल्स की जांच यहीं हो रही है। शासन द्वारा नामित आउटसोर्स कंपनी आईटीवर्ड सुल्तानपुर द्वारा लैब में सैंपल्स की जांच के लिए वैज्ञानिक के पद पर स्वाति सिंह, लैब टेक्नीशियन के पद पर काजल नायक और डाटा इंट्री ऑपरेटर के पद पर रिंकू सिंह की तैनाती की थी।
वित्तीय वर्ष बीतने के बाद अप्रैल में शासन द्वारा इन कर्मियों का नवीनीकरण बढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई है। इस वजह से आउटसोर्स कंपनी ने इन लोगों का रिन्यूवल नहीं किया। ऐसे में बिना मानदेय के कर्मचारी काम करें या नहीं, इस असमंजस में पड़े हैं।
फिलहाल तीन दिन से वैज्ञानिक स्वाति सिंह आ रहे सैंपल्स की अकेले जांच कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें सीएमओ डॉ. विमलेंदु शेखर की ओर से उन लोगों की समय सीमा नहीं बढ़ाए जाने का पत्र दिया गया है। कहा कि अफसरों ने मौखिक रूप से काम करने की बात कही है।
कुछ दिन तक वे लोग काम करेंगे। यदि इस बीच शासन द्वारा उनकी समय सीमा नहीं बढ़ाई तो काम बंद कर देंगे। बताया कि इन दिनों सभी सीएचसी स्तर पर सैंपलिंग बढ़ाई गई है। अब हर रोज 100 से लेकर 200 तक सैंपल जांच के लिए आ रहे हैं। बताया कि रविवार को भी 165 सैंपल्स की जांच हुई थी।
शासन स्तर पर हुई है वार्ता
शासन स्तर पर वार्ता हुई है। कहा गया है कि समय सीमा बढ़ाने के लिए पत्रावली लंबित है। जल्द ही रिन्यूवल का आदेश विभाग समेत आपूर्ति करने वाली कंपनी को भेज दिया जाएगा। सभी को तब तक काम करने को कहा गया है।
-विमलेंदु शेखर, सीएमओ