बलरामपुर। फर्जी फर्म बनाकर 20 करोड़ रुपये के कारोबार में करीब एक करोड़ रुपये जीएसटी चोरी के बड़े मामले का राजफाश पुलिस ने किया है। गोंडा के रानी बाजार निवासी आरोपी राहुल अग्रवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की जानकारी के आधार पर पुलिस कार्रवाई में जुटी है। आरोपी पर गोंडा में जीएसटी चोरी के दो मामले दर्ज हैं। एसपी राजेश कुमार सक्सेना ने मामले का खुलासा करते हुए पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया है।
मामले की जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि 10 फरवरी 2021 को जिले के सहायक वाणिज्य कर आयुक्त ने कोतवाली देेहात में तहरीर देकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मैसर्स गुप्ता गल्ला भंडार उतरौला और मैसर्स खान ट्रेडर्स तुलसीपुर के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी जांच कोतवाली देहात व साइबर सेल की टीम को सौंपी गई थी। टीम ने एक आरोपी की गिरफ्तारी की है।
कैसे खुला मामला
एसपी ने बताया कि जांच के दौरान तुलसीपुर और उतरौला में दर्शाई गई फर्म का कोई अस्तित्व ही नहीं मिला। इन फर्मों के जीएसटी के रिकॉर्ड में प्रयोग किए गए मोबाइल नंबर व पैन नंबर धारकों से पूछताछ की। बताया कि उन्होंने अपना आधार कार्ड व फोटोग्राफ गोंडा निवासी राहुल नामक व्यक्ति को दिया था।
सर्विलांस टीम को जीएसटी के पंजीकरण के मोबाइल नंबरों की जांच में भी राहुल अग्रवाल पुत्र विजय अग्रवाल निवासी रानी बाजार थाना कोतवाली नगर जनपद गोंडा का मिला। पुलिस ने शुक्रवार को सुबह नौ बजे बलरामपुर बस अड्डे से राहुल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास एक मोबाइल छह सिमकार्ड भी मिला है।
ऐसे करता था जीएसटी चोरी
पुलिस का दावा है कि आरोपी राहुल मां अन्नपूर्णा गृह उद्योग के नाम से गोंडा में गल्ले की दुकान चलाता है। पूछताछ में बताया कि जीएसटी देने से ज्यादा मुनाफा नहीं होता है। इसलिए विभिन्न बेरोजगार व्यक्तियों से दस्तावेज लेकर उनके नाम पर फर्जी फर्म बनाई। उन्हीं के नाम पर जीएसटी नंबर लिया। जीएसटी से बचने के लिए बिना जीएसटी अदा किए मां अन्नापूर्णा गृह उद्योग के लिए गल्ला खरीदता था। उसको सही दर्शाने के लिए मैसर्स गुप्ता गल्ला भंडार उतरौला और मैसर्स खान ट्रेडर्स नामक फर्जी फर्म पर खरीदा हुआ दिखाता था। इससे खरीद पर जीएसटी देने से बच जाता था। ऐसे में उसे आसानी से ई - वे बिल मिल जाता था। इसके बाद वह अपने गल्ले को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेज देता था।
20 करोड़ के कारोबार में जीएसटी चोरी
एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी अपने साथ-साथ अन्य लोगों को भी फर्जी फर्मों का बिल 10- 20 हजार रुपये में बेचता था। जिससे वह लोग भी जीएसटी देने से बच जाते थे। फर्जी फर्मों से करीब 20 करोड़ का व्यापार कर उसमें करीब एक करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई है। इस मामले का खुलासा करने वाली टीम में कोतवाल देहात राज कुमार सरोज, स्वाट टीम प्रभारी श्यामलाल, अतिरिक्त निरीक्षक श्रीराम यादव सहित अन्य पुलिस कर्मी शामिल थे। पुलिस टीम को दस हजार रुपये का ईनाम देने का निर्णय लिया गया है।