बलरामपुर। जिला सत्र न्यायाधीश ने सामूहिक दुराचार का दोषी मानते हुए दो लोगों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज ने दोषियों को 55-55 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
जानकारी देते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप सिंह ने शुक्रवार को बताया कि थाना ललिया में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के आदेश पर सामूहिक दुराचार के आरोप में पेशकार यादव व अरविंद कुमार वर्मा के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हुआ था। पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में 14 सितंबर 2014 की शाम को शौच पर जाते समय पेशकार और अरविंद पर सामूहिक दुराचार करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना की और पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण कराकर मजिस्ट्रेट के सामने बयान पंजीकृत कराया।
विवेचक ने प्रथम दृष्टया सामूहिक दुराचार का आरोप मानते हुए पेशकार व अरविंद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। परीक्षण के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने चार गवाहों को न्यायालय पर प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश लल्लू सिंह ने पेशकार व अरविंद को सामूहिक दुराचार व जान से मारने की धमकी देने का दोषी मानते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास व 55-55 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को 26-26 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। जिला जज ने अर्थदंड में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश भी दिया है। संवाद