बलरामपुर। शहर के कई इलाकों से बाढ़ का पानी घटने के बाद शुक्रवार को जब विभिन्न विभागों के कर्मचारी दफ्तर पहुंचे तो तमाम अभिलेख व कंप्यूटर आदि पानी में भीगे मिले। ऐसे में कर्मचारी पूरे दिन अभिलेखों के साथ ही कंप्यूटर, प्रिंटर आदि धूप में सुखाते नजर आए। बाढ़ के चलते तमाम अभिलेख बर्बाद भी हो चुके हैं।
जिला मुख्यालय के कई मोहल्लों व दफ्तरों में बीते आठ अक्तूबर की रात बाढ़ का पानी भर गया था। रात के समय बाढ़ आने से लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। रात में ऑफिस बंद होने के कारण कर्मचारियों को अभिलेखों समेत अन्य सामान सुरक्षित स्थान पर रखने तक का मौका नहीं मिला।
दूसरे दिन बाढ़ का बहाव तेज होने के कारण कोई भी कर्मचारी दफ्तर नहीं जा सका। तीन-चार दिन तक बाढ़ का पानी भरा रहने के बाद शुक्रवार को जब कर्मचारी दफ्तर पहुंचे तो सब कुछ भीगा नजर आया। बिजली विभाग, सरयू नहर खंड, नलकूप विभाग, रोडवेज, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, एसपी ऑफिस आदि दफ्तरों के कर्मचारी दिनभर अभिलेखों के साथ ही कंप्यूटर, प्रिंटर आदि सामान सुखाते नजर आए।
इसी तरह कई दुकानों में भी बाढ़ का पानी भरने के कारण काफी सामान भीगकर खराब हो गया। व्यवसायी संतोष कुमार, राजू, अकील, राजकुमार आदि का कहना है कि दुकान में पानी भरने से किराना, कपड़ा व इलेक्ट्रानिक समेत अन्य तमाम सामान खराब हो गया। इनमें से कुछ सामान तो सुखाया जा सकता है मगर ज्यादातर सामान भीगने से बर्बाद हो गया है।