उतरौला (बलरामपुर)। नामांकन प्रक्रिया निपटने के साथ ही अब शहर की सरकार को लेकर बहस का दौर शुरू हो गया है। विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए हर कोई बेहतर चेयरमैन की आस संजो रहा है। हर किसी के अपने मुद्दे हैं, अपने विचार हैं, इसके बाद भी शहर का समग्र विकास ही सभी की इच्छा है।
बीते दिन तहसील परिसर में चाय की चुस्कियों के बीच अधिवक्ता मारकंडेय मिश्र का कहना था कि बिजली, पानी व सड़क जैसी समस्याएं किसी से छिपी नहीं हैं। ऐसे में ऐसे जनप्रतिनिधि का चयन किया जाना चाहिए, जिसके पास विकास को लेकर सोच हो और लोगों की समस्याएं दूर कराए।
अधिवक्ता बेनी माधव तिवारी कहते हैं कि इसके लिए आवश्यक है कि हमारा नेता ऐसा हो, जिसे शहर की आवश्यकताओं के बारे में पूरी जानकारी हो। मसलन, किस क्षेत्र में बिजली की समस्या है तो कहां पर जल निकासी की। ताकि बेहतर कार्ययोजना बनाकर विकास की गति को आगे बढ़ाए।
बेचनराम कहते हैं कि जिस तरह से दल अपने घोषणापत्र जारी करते हैं, उसी तरह से नेताओं को भी अपने घोषणापत्र जारी करने चाहिए। इससे मतदाताओं को अपने नेता का चयन करने में काफी आसानी होगी। जितेंद्र चौधरी व असलम खां का मत है कि पढ़े-लिखे व योग्य नेता का चयन किया जाना चाहिए, ताकि वह शहर को विकास की दौड़ में आदर्श शहर बना सके।