बलरामपुर। चेहल्लुम के नौवीं तारीख की रात इमाम के चबूतरों पर अकीदत के साथ ताजिये रखे गए। हजरत इमाम हुसैन एवं उनके साथियों की शहादत को याद करते हुए मुल्क में अमन-चैन और कौम की सलामती के लिए दुआ मांगी गई। जगह-जगह लंगर का भी आयोजन किया गया।
हजरत इमाम हुसैन एवं उनके साथियों की शहादत की याद में मनाए जाने वाले चेहल्लुम की नौवीं तारीख की रात अकीदतमंदों ने अपनी मन्नतों के मुताबिक ताजिया, धार्मिक स्थलों का रौजा व अलम इमाम चबूतरों पर रखा। पुरैनिया तालाब, यतीमखाना, नगर पालिका, नई बस्ती, झझरा, बड़ापुल, नौसहरा, बलुहा व गदुरहवा आदि मोहल्लों में रखे गए ताजिये, रौजा व अलम देखने के लिए रातभर अकीदतमंदों का जमावड़ा लगा रहा।
अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया और फातिहा पढ़कर मुल्क में अमन-चैन और कौम की सलामती के लिए दुआ मांगी। इमाम चबूतरों पर अकीदतमंदों की भीड़ को देखते हुए जगह-जगह लंगर का आयोजन किया गया।
महिला अस्पताल के पास अब्दुल खालिक व आसिफ द्वारा आयोजित लंगर में इकबाल जावेद व समर जावेद को ताजियेदारों ने साफा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान अन्नु, सोनू, मुदस्सिर, जहीर, बब्बू, इरफान, अर्शी आदि मौजूद रहे। चेहल्लुम की 10वीं तारीख को शिया समुदाय के लोगों ने गर्ल्स कॉलेज के पास से मातमी जुलूूस निकाला। जुलूस सराय फाटक व वीर विनय चौराहा होते हुए शिया कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ।
उतरौला में सुभाषनगर मोहल्ला स्थित हाजी तुल्लन हुसैन के इमामबाड़े से शिया समुदाय के लोगों ने चेहल्लुम का जुलूस निकाला। इसमें शामिल युवाओं व बच्चों ने दर्द भरे नौहे के साथ कमा व जंजीरी मातम किया। अजादारों को जगह-जगह पानी, शरबत, चाय व फल वितरित किया गया। जुलूस मुख्य मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ।
इसी तरह ग्राम अमया देवरिया में भी चेहल्लुम का जुलूस दरगाह हजरत अब्बास अलमदार से निकाला गया। जुलूस में अलम, ताबूत, जुल्जना व ताजिया के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की। डाक बंगला होते हुए जुलूस कर्बला पहुंचा। जहां ताजियों को दफन किया गया।