बलरामपुर। जिले की उतरौला सीएचसी को सुरक्षित प्रसव कराने के मामले में देवीपाटन मंडल की सबसे आदर्श सीएचसी माना गया है। यह तथ्य पूर्व में हुए एनक्वास टीम के मूल्यांकन में सामने आया है। इसी रिपोर्ट के आधार पर अब केंद्रीय टीम ने सीएचसी पहुंचकर आठ अन्य बिंदुओं का स्थलीय सत्यापन किया है। मूल्यांकन में 70 प्रतिशत से अधिक अंक मिलने पर सीएचसी को एनक्वास सर्टिफिकेट देते हुए पुरस्कृत किया जाएगा।
कायाकल्प योजना के तहत लक्ष्य प्रमाण पत्र के लिए करीब छह माह पूर्व एनक्वास टीम ने सीएचसी का मूल्यांकन किया था। इस मूल्यांकन में अस्पताल के प्रसव कक्ष को बेहतर अंक मिले थे। इसपर एनक्वास के अधिकारियों ने डिलीवरी प्वाइंट को लक्ष्य प्रमाणपत्र देते हुए रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर उतरौला सीएचसी के डिलीवरी प्वाइंट को मंडल में सबसे आदर्श माना गया है।
रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल में अन्य बिंदुओं का मूल्यांकन करने के लिए केंद्रीय टीम से आए डॉ. प्रभीर रंजन मोहराना व डॉ. रवींद्र नाथ बंसल ने दो दिन तक अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने ओपीडी, वार्ड, लैब, दवा स्टोर, आंख से जुड़ी सुविधाएं, अभिलेखों के रखरखाव व प्रोत्साहन राशि के भुगतान सहित आठ बिंदुओं की जांच की है।
इन सुविधाओं के आधार पर आदर्श बनी सीएचसी
- प्रसव कक्ष में उपलब्ध सभी आवश्यक संसाधन
- संक्रमण रोकने के लिए डिलीवरी प्वाइंट में किए गए इंतजाम
- प्रसव कक्ष में उपलब्ध आवश्यक दवाएं व उपकरण
- अभिलेखों का बेहतर रखरखाव व प्रसव के बाद दी जाने वाली सुविधाएं
मंडल में सिर्फ एक सीएचसी का हुआ चयन
एनक्वास मूल्यांकन के लिए यूपी से तीन व देवीपाटन मंडल से केवल उतरौला सीएचसी का ही चयन हुआ है। लक्ष्य प्रमाणपत्र मिलने के बाद अब केंद्रीय टीम ने भी अस्पताल का मूल्यांकन किया है। पूरी उम्मीद है कि इस बार सीएचसी को एनक्वास सर्टिफिकेट के साथ पुरस्कार भी मिलेगा।
- डाॅ चंद्रप्रकाश, अधीक्षक सीएचसी उतरौला