- पंचायत सहायकों को मिली ई-केवाईसी की जिम्मेदारी, जागरूक भी करेंगे
- कृषि विभाग के 90 कर्मचारी ई-केवाईसी करने में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। जिले में शत प्रतिशत किसानों की ई केवाईसी कराने के लिए जिला प्रशासन गंभीर हो गया है। साथ ही ई केवाईसी के लिए 30 अक्तूबर तक तिथि भी बढ़ा दी गई है। अब गांवों में कार्यरत पंचायत सहायक छूटे हुए 39064 किसानों की ई केवाईसी करेंगे। साथ ही ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव किसानों को ई केवाईसी कराने के लिए जागरूक भी करेंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने 30 अक्तूबर तक शत प्रतिशत किसानों की ई केवाईसी करने का निर्देश दिया है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त शीघ्र ही आने की संभावना जताई जा रही है। इसे लेकर कृषि विभाग छूटे किसानों की शत प्रतिशत ई-केवाईसी व भूमि अंकन सहित अन्य खामियों को दूर करने में जुटा हुआ है। कृषि विभाग के 90 कर्मचारी गांव-गांव किसानों की ई-केवाईसी करने में जुटे हैं। किसानों की संख्या अधिक होने के कारण अब पंचायत सहायकों को भी ई केवाईसी व आधार सीडिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव केवाईसी कराने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करेंगे। ताकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 15वीं किस्त शत प्रतिशत किसानों को मिल सके। जिले में कुल 266213 किसान कृषि विभाग में पंजीकृत हैं। इनमें से अभी तक 39064 किसानों की ई-केवाईसी नहीं हो सकी है। 30 अक्तूबर तक अगर इन किसानों की ई केवाईसी नहीं हुई तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त नहीं मिल पाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी संजीव कुमार मौर्य के अनुसार, प्रयास है कि सभी किसानों को सम्मान निधि योजना का लाभ मिल सके। ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव व पंचायत सहायकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि किसानों को ई केवाईसी के लिए जागरूक करें।