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Balrampur News: सीसीटीवी न फर्नीचर, बना दिया बोर्ड परीक्षा केंद्र

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बलरामपुर। बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में एक बड़ी खामी सामने आई है। जिले में पांच राजकीय हाईस्कूलों को केंद्र तो बना दिया गया मगर न तो वहां पर्याप्त कमरे हैं और न ही फर्नीचर। यही नहीं, सीसीटीवी व चहारदीवारी तक नहीं है। अब ऐसे केेंद्रों की जांच शुरू हो गई है। अब तक दस केंद्र ऐसे मिले हैं, जो मानकों को नहीं पूरा कर रहे हैं।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने के लिए कुल 60 केंद्रों की सूची जारी की है। इस पर अब तक 57 आपत्तियां आईं हैं। आपत्तियों की जांच में कई बड़ी गड़बड़ी सामने आईं हैं। राजकीय हाईस्कूल महाराजगंज तराई, रमनगरा, रामगढ़, देवरिया जंगली व चकवा में संसाधनों का अभाव है, इसके बाद भी इन्हें परीक्षा केंद्र बना दिया गया।
आम तौर पर एक केंद्र पर कम से कम 240 बच्चाें का आवंटन होने का नियम है। ऐसे में इसके लिए कम से कम आठ कमरों की आवश्यकता है। जबकि यहां छह कमरे ही हैं। चहारदीवारी व सीसीटीवी भी नहीं है। अब तक की जांच में दस केंद्र मानक विहीन मिले हैं।
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हैरानी की बात तो यह है कि बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार हाईस्कूल में 3,904 व इंटरमीडिएट में 1,853 परीक्षार्थी बढ़े हैं, इसके बाद भी परीक्षा केंद्र घट गए। गत वर्ष 63 परीक्षा केंद्र थे, जो इस बार घटकर 60 हो गए हैं। इसमें से भी दस मानकों को पूरा ही नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में 50 केंद्र ही बचे, अब 20 और केंद्र बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में प्राथमिकता है कि छात्राओं को स्वकेंद्र की सुविधा दी जाए। अगर ऐसा नहीं है तो पांच से दस किलोमीटर की दूूूरी में ही केंद्र बनाया जाए। छात्रों का परीक्षा केंद्र 10 से 15 किलोमीटर के दायरे में रहने की व्यवस्था है।
जिला विद्यालय निरीक्षक गोविंद राम ने बताया कि बोर्ड परीक्षा केंद्रों की जांच की जा रही है। पहले चरण में दस कॉलेजों में मानकों की कमी मिली है। वहीं, परीक्षार्थी बढ़ने के बाद भी केंद्र घटने से समस्या आ रही है। इसे जनपदीय शिक्षा समिति के सामने रखा जा रहा है।
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