बलरामपुर। बिहार शिक्षक भर्ती में आवेदन के लिए बीएड का अंकपत्र और डिग्री नहीं मिलने से अभ्यर्थी परेशान हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतिदिन महाविद्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। अंकपत्र और डिग्री नहीं मिलने पर मजबूरी में प्रोविजनल के लिए ही आवेदन कर रहे हैं।
बिहार में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो गई है। प्रथम चरण में बीएड व डीएलएड का अंकपत्र तथा डिग्री न होने के कारण आवेदन करने से चूकने वाले अभ्यर्थी दूसरी चरण में जीजान से जुटे हैं। बिहार में दूसरी चरण के लिए शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। ऑनलाइन आवेदन में अंकपत्र या डिग्री का सीरियल नंबर अंकित करना जरूरी है।
अभ्यर्थी अनीश कुमार व रविचंद्र ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन में बीएड अथवा डीएलएड के अंकपत्र का सीरियल नंबर अपलोड करना जरूरी है। बिहार में जूनियर शिक्षक के साथ टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 25 नवंबर है। शिक्षक भर्ती में आवेदन के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राए एमएलके महाविद्याल, शक्ति स्मारक संस्थान, शिवा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, विमला विक्रम महाविद्यालय सहित अन्य महाविद्यालयों में पहुंच रहे है।
अंकपत्र और डिग्री नहीं मिल पाने से मजबूरी में प्रोविजनल प्रमाणपत्र बनवा रहे है। प्रोविजनल के लिए आवेदन करने के बाद भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कुछ छात्रों को तो आवेदन करने के दो-तीन घंटे बाद ही प्रमाणपत्र मिल जा रहा है, जबकि कुछ को दूसरे दिन आना पड़ रहा है।