बलरामपुर के सीएमओ कार्यालय सभागार में फाइलेरिया जागरूकता गोष्ठी काे संबोधित करते सीएमओ डॉ. सुश
बलरामपुर। फाइलेरिया से बचाव के लिए घर-घर दवा खिलाने का अभियान बृहस्पतिवार को शुरू हो गया। कार्यक्रम की शुरूआत सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने स्वयं डीईसी व एल्बेंडाजोल की गोली खा कर किया। अभियान में जुटी 2095 टीमें 28 अगस्त तक घर-घर दस्तक देकर दो साल से अधिक आयुवर्ग के चिह्नित 25 लाख लोगों को डीईसी व एल्बेंडाजाॅल टेबलेट खिलाएंगी। अभियान के पहले दिन शिक्षण संस्थान व सरकारी कार्यालय में लोगों को फाइलेरिया निरोधक दवा खिलाकर इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक किया।
अभियान का शुभारंभ करते हुए सीएमओ ने कहा कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है, शरीर में इसके लक्षण दिख जाने के बाद इस बीमारी का इलाज संभव नहीं होता है। इसी लिए इलाज से ज्यादा इससे बचाव की जागरूकता के लिए यह अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया के कृमि से बचाने के लिए सभी लोग स्वयं, अपने परिवार व दोस्तों को फाइलेरिया रोधी दवा अवश्य खिलाएं।
जिला मलेरिया अधिकार राजेश पांडेय ने कहा कि अभियान में दो से पांच साल तक के बच्चों को एक गोली डीईसी, 6 से 15 वर्ष तक को दो गोली डीईएसी तथा 15 साल से अधिक उम्र वालों तीन गोली डीईएस तथा एक गोली एल्बेंडाजॉल खिलाई जा रही है। सिर्फ गर्भवती व गंभीर रूप से बीमार मरीजों को यह दवा नहीं खानी है। एमएलके महाविद्यालय के एनएसएस के छात्र-छात्राओं ने भी इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर फाइलेरिया रोधी अभियान की जागरूकता के लिए एक हस्ताक्षर अभियान चलाया ।
बार्डर बूथ पर भी खिलाई गई दवा
पिपरहवा चौराह। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को सीएचसी तुलसीपुर के बॉर्डर बूथ नंदमहरा व भंगहा कला में सीमापार से आवागमन करने वाले लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई गई। एनएमएस रघुवंश शर्मा के उपस्थिति में सीएचओ चित्रा सिंह, राजकुमार, सोनिया देवी, धीरज पाठक तथा फार्मासिस्ट विजय कुमार सिंह लोगों को उम्र के अनुसार डीईसी व एल्बेंडाजाॅल टेबलेट खिलाई।