बलरामपुर। ग्रामीण बैंकों के एकीकरण और राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना की मांग को लेकर प्रथमा बैंक में कार्यरत अफसर व कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। बैंक कर्मचारियों ने सभी काम ठप कर क्षेत्रीय कार्यालय पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद अपनी मांगों का एक ज्ञापन क्षेत्रीय प्रबंधक अनुज यादव को सौंपा। इसमें चेताया गया कि यदि उनकी मांगों का समाधान न हुआ तो 27 एवं 28 मार्च को देशव्यापी स्तर पर सभी ग्रामीण बैंक कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे।
ग्रामीण इलाकों में संचालित बैंकों की हड़ताल से 119 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा।हड़ताल के कारण जिले में प्रथमा बैंक की सभी 61 शाखाओं में तालाबंदी रही। इससे बैंक पहुंचे खाता धारकों को काम काज न होने से निराश होकर वापस लौटना पड़ा। हड़ताल में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक अधिकारी एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक एम्प्लाइज यूनियन और प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति के पदाधिकारी व सदस्य शामिल हुए।
प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने बताया कि पूरे देश में 43 ग्रामीण बैंकों की 22 हजार शाखाएं हैं। इसमें से 92 प्रतिशत शाखाएं अत्यंत पिछड़े क्षेत्रों में स्थित है। इन शाखाओं में 42 करोड़ ग्राहकों की सेवा करते हुए लगभग 10 लाख करोड़ का व्यवसाय होता है। इसके बावजूद ग्रामीण बैंकों में कार्यरत कर्मचारियों की उपेक्षा होती है।
बैंक संगठन प्रमुख तौर पर 30 हजार रिक्तियों पर नई भर्ती करने, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी का नियमितीकरण करने, मेटा नियमावली एवं सभी अवकाश नियमों में संशोधन
करने व वेतन ढांचे में पूर्ण समानता सहित आईबीए वार्ता में भागीदारी सहित अन्य मांगों को पूरा किए जाने की मांग कर रहे हैं।