डग्गामार वाहनों से यात्रा करने को विवश 80 गांवों के लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। बलरामपुर से सिद्धार्थनगर जनपद को जोड़ने के लिए सीधी बस सेवा नहीं है। जिला मुख्यालय से बेलहा-गौरा मार्ग होते हुए इटवा जाने के लिए न तो परिवहन निगम की बस चलती है और न ही प्राइवेट बस ही संचालित हो रही है। इस मार्ग पर बस संचालित न होने से करीब 80 गांवों के दो लाख लोगों को डग्गामार वाहनों से यात्रा करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इससे यात्रियों को जहां अधिक किराया देना पड़ता है वहीं समय भी बर्बाद होता है।
बेलहा-गौरा चौराहा होते हुए पड़ोसी जनपद सिद्धार्थनगर की इटवा तहसील के लिए जिले से कोई सीधी बस सेवा नहीं है। इस मार्ग पर बलरामपुर से बिस्कोहर तक करीब 50 से अधिक गांव सदर तहसील क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में इन गांवों के लोगों को आए दिन सदर तहसील व जिला मुख्यालय आना पड़ता है। इस मार्ग पर बसों का संचालन न होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सीधी बस सेवा न होने का फायदा उठाकर डग्गामार वाहन क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाकर यात्रा कराते हैं। यही नहीं यात्रियों से मनमाना किराया भी वसूला जाता है। जगह-जगह वाहन रोकने के कारण 50 किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन से चार घंटे लगते हैं।
यात्री कमलेश, फिरोज, सलमान, कृष्ण गोपाल व राजू आदि ने बताया कि इस मार्ग पर काफी दिनों से परिवहन निगम की बस सेवा बंद है। साथ ही प्राइवेट बसों का संचालन भी ठप है। ऐसे में निजी टैक्सी व ई-रिक्शा वाले यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। जिला मुख्यालय से गौरा चौराहा होते हुए बिस्कोहर इटवा तक बस चलती तो क्षेत्र के विद्यार्थी, व्यापारी व वादकारियों को सदर तहसील अथवा जिला मुख्यालय आने में सहूलियत होती।
शीघ्र ही शुरू होगा दो बसों का संचालन
जिला मुख्यालय से इटवा तक पूर्व में परिवहन निगम की बसें चलती थीं। बीच में किन्ही कारणों से बसों का संचालन बंद कर दिया गया था। अब गौरा चौराहा होते हुए इटवा तक परिवहन निगम की बस संचालित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। शीघ्र ही इस रूट पर दो बसों का संचालन शुरू कराया जाएगा।
-वीके वर्मा, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बलरामपुर डिपो