बलरामपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में छह साल पहले बने बर्न यूनिट का संचालन अभी भी शुरू नहीं हो पाया है। यूनिट के संचालन में चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों की कमी आड़े आ रही है। यूनिट का संचालन शुरू न होने से जलने वाले गंभीर मरीजों को इलाज के लिए ट्राॅमा सेंटर रेफर करना पड़ता है। चिकित्सक व कर्मियों की तैनाती के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस ने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र लिखा है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में लाखों रुपये की लागत से बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी यूनिट के भवन का निर्माण छह साल पहले ही पूरा हो गया था। संचालन के लिए तमाम मशीन और उपकरण भी मंगवाए गए, लेकिन चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों के अभाव में संचालन शुरू नहीं हो पाया। कोरोना काल में खाली पड़े बर्न यूनिट के भवन को कोविड मरीजों के लिए एल-2 अस्पताल बना दिया गया। कोरोना मरीजों के लिए इसे अभी भी आरक्षित रखा गया है। लेकिन कोरोना मरीज न होने के कारण यूनिट में ताला लटक रहा है। बर्न यूनिट शुरू न होने के कारण आग से जलने वाले गंभीर मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ जाना पड़ता है।
चिकित्सक व कर्मियों की तैनाती के लिए लिखा गया है पत्र
संयुक्त जिला चिकित्सालय में बर्न यूनिट का संचालन शुरू कराने के लिए चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों की आवश्यकता है। अस्पताल में पहले ही चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों की कमी है। ऐसे में बर्न यूनिट का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। चिकित्सक व कर्मियों की तैनाती के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र लिखा गया है।
- डॉ. आरके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक संयुक्त जिला चिकित्सालय
सदर विधायक भी स्वास्थ्य मंत्री से कर चुके हैं मांग
संयुक्त जिला चिकित्सालय में बने बर्न यूनिट का संचालन शुरू कराने के लिए सदर विधायक पल्टूराम भी स्वास्थ्य मंत्री से मांग कर चुके हैं। सदर विधायक ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने बर्न यूनिट का संचालन शुरू कराने के लिए जल्द ही चिकित्सक व कर्मियों की तैनाती का भरोसा दिलाया है।