बलरामपुर। प्रतिवर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले ग्रामीणों को राहत देने के लिए जिले के 100 गांवों में नाव खरीदी जाएंगी। नाव होने से बाढ़ के समय गांवों में आवाजाही के लिए लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। बारिश से पहले नाव की खरीद प्रक्रिया पूरी करने का आदेश डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान व सचिव को दिया है। नावों की खरीदारी ग्राम पंचायत निधि से की जाएगी।
तराई क्षेत्र वाला जिला हाेने के कारण बाढ़ यहां की प्रमुख समस्या है। प्रत्येक वर्ष जिले के 300 से अधिक गांवों को बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ती है। बलरामपुर, हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, उतरौला, श्रीदत्तगंज व गैड़ास बुजुर्ग ब्लॉक अधिक प्रभावित हाेते हैं। बाढ़ आने पर इन ब्लॉकों के कई गांव टापू बन जाते हैं। कई दिनों तक उनका संपर्क मुख्यालय से कटा रहता है। बचाव दल के न पहुंचने तक बाढ़ पीड़ितों के पास जरूरत का सामान भी नहीं पहुंच पाता है।
इस समस्याओं से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने बाढ़ से पहले ही तैयारी शुरू कर दी है। डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन ने नाव खरीदने की जिम्मेदारी गांव के प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव को संयुक्त रूप से दी है। ग्राम पंचायत निधि से प्रधान अपनी जरूरत के अनुसार छोटी-बड़ी नाव खरीद सकते हैं। नाव होने पर बाढ़ के समय लोगों को आवागमन करने में सुविधा होगी। छह ब्लॉकों में बाढ़ से प्रभावित होने वाले 100 गांवों में नाव की खरीदारी करने के लिए आदेश जारी कर दिया गया है। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी गांवों में नाव खरीद ली जाए।