श्रीदत्तगंज सीएचसी में एक माह से रसायन नहीं है। इससे कंपलीट ब्लड काउंट की जांच नहीं हो पा रही है। मरीजों को जांच के लिए परेशान होना पड़ रहा है। यहां एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड जांच तक की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ती है।
तुलसीपुर सीएचसी में छह माह से रसायन नहीं है। इससे मरीजों की हीमोग्लोबिन सहित अन्य जांचें नहीं हो पा रहीं हैं। इससे मरीजों को दिक्कत होती है। अधीक्षक डॉ. सुमंत सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया जा चुका है।
उतरौला सीएचसी में कंपलीट ब्लड काउंट की जांच के लिए मशीन तो है लेकिन रसायन ही नहीं है। ऐसे में जांच प्रभावित है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. चंद्रप्रकाश का कहना है कि मुख्यालय से रसायन की मांग की गई है। आते ही जांच शुरू हो जाएगी।
ये चंद मामले स्वास्थ्य सेवाओं का सच बयां करने के लिए काफी हैं। जिले में कुल नौ सीएचसी हैं। मौजूदा समय में आठ सीएचसी में रसायन नहीं होने के कारण मरीजों की हीमोग्लोबिन, टीएलसी-डीएलसी व प्लेटलेट समेत अन्य जांचें नहीं हो पा रही हैं।
श्रीदत्तगंज सीएचसी में चिकित्सकों की कमी है। ऐसे में यहां एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड जांच तक नहीं हो पा रही है। मरीज अनीता कुमारी, राम तीरथ, शाहबाज, जन्नतुल निशा व फूलमती ने बताया कि अस्पताल में खांसी, जुकाम व बुखार की दवा ही मिलती है। एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं है। इससे समस्या आ रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकल्प मिश्र का कहना है कि जो भी संसाधन हैं, उसी मेें बेहतर इलाज का प्रयास किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रसायन न होने की मुझे जानकारी नहीं है। अधीक्षकों से वार्ता कर लैब के लिए जरूरी संसाधन जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे। ताकि मरीजों को मुफ्त जांच की सुविधा मिल सके।